Nawada Coaching Teacher Murder Case में बड़ा फैसला: जला हुआ शव मिलने के 20 महीने बाद प्रेमी-प्रेमिका को उम्रकैद की सजा

Summary :

बिहार के नवादा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। साल 2024 के एक अपराधिक मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिले में हुए चर्चित कोचिंग टीचर हत्याकांड में करीब 20 माह बाद कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। बीते दिन 6 जुलाई 2026 को नवादा कोर्ट के विशेष न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा ने मामले को लेकर बड़ा फैसला सुनाया, मामले में दोषी करार दिए गए 2 आरोपियों को आजीवन उम्रकैद की सजा सुनाई। यह मामला साल 2024 में राज्य भर में काफी चर्चा में रहा था, जब एक कोचिंग शिक्षक का जला हुआ बॉडी मिला तो…

बिहार के नवादा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। साल 2024 के एक अपराधिक मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिले में हुए चर्चित कोचिंग टीचर हत्याकांड में करीब 20 माह बाद कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। बीते दिन 6 जुलाई 2026 को नवादा कोर्ट के विशेष न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा ने मामले को लेकर बड़ा फैसला सुनाया, मामले में दोषी करार दिए गए 2 आरोपियों को आजीवन उम्रकैद की सजा सुनाई।

यह मामला साल 2024 में राज्य भर में काफी चर्चा में रहा था, जब एक कोचिंग शिक्षक का जला हुआ बॉडी मिला तो इलाके में हड़कंप मचा हुआ था। तो चलिए जानते है वह कौन-सा मामला है जिसमें एक जोड़े को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी?

क्या है पूरा मामला?

Coaching Teacher Murder (CREDIT-SM)

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 9 नवंबर 2024 को कोचिंग शिक्षक प्रवीण कुमार की हत्या उनकी प्रेमिका भवानी कुमारी ने अपने दूसरे प्रेमी सुधांशु कुमार उर्फ छोटू के साथ मिलकर रची और प्रवीण की जान ले ली। उन्होंने आगे बताया कि भवानी और प्रवीण करीब तीन साल से एक दूसरे के करीब थे, उनके बीच प्रेम संबंध का मामला था। इसी दौरान भवानी को दूसरे युवक सुधांशु से प्रेम हो गया और दोनों ने मिलकर प्रवीण को रास्ते से हटाने का निर्णय लिया।

जब कोचिंग मास्टर प्रवीण को इस रिश्ते की खबर लगी, तो आरोप है कि भवानी और सुधांशु ने मिलकर उसे मारने का प्लान बनाया। योजना के तहत भवानी ने प्रवीण को फोन किया और मिलने के लिए बुलाया। वहां पहुंचने पर दोनों ने उसे बांधा और फिर गला घोंटकर उसकी जान ले ली। पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने आनन-फानन में शव को जला भी दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

पांच दिन में पुलिस ने किया था गिरफ्तार

Nawada Murder Case (CREDIT-SM)

बता दें कि प्रवीण की हत्या के बाद पुलिस ने मामले की जांच गंभीरता से की और महज पांच दिनों के अंदर ही आरोपी भवानी कुमारी और सुधांशु कुमार को दबोच लिया। जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों और गवाहों को देखते हुए पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की, जिसके बाद मामले की सुनवाई शुरू हो गई। अब इस मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है।

नवादा कोर्ट का फैसला

बताते चले कि लंबी सुनवाई के बाद नवादा कोर्ट ने दोनों आरोपियों को हत्या और SC/ST एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 30 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है। इसके साथ, सबूत मिटाने के आरोप में दोनों को 7 साल के अतिरिक्त जेल और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया है कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। यह फैसला चर्चित नवादा हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया का बड़ा फैसला बताया जा रहा है।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।