भाजपा के वरिष्ठ नेता एकनाथ खड़से ने बुधवार को दावा किया कि पार्टी के कुछ नेताओं ने उनकी पुत्री रोहिणी और पूर्व मंत्री पंकजा मुंडे की चुनावी हार में एक सक्रिय भूमिका निभायी। भाजपा ने इस वर्ष अक्टूबर में हुए विधानसभा चुनाव में खड़से को टिकट नहीं दिया था। हालांकि पार्टी ने उनकी बेटी को जलगांव जिले में उनके गृह क्षेत्र मुक्ताईनगर से टिकट दे दिया था।
यद्यपि रोहिणी खड़से शिवसेना के बागी चंद्रकांत पाटिल से चुनाव हार गईं।
मुंडे बीड जिले में परली सीट पर अपने चचेरे भाई एवं राकांपा उम्मीदवार धनंजय मुंडे से हार गईं। खड़से ने कहा, ‘‘मेरा और पंकजा का यह विचार है कि भाजपा के कुछ नेताओं ने उन्हें और रोहिणी को हराने का प्रयास किया। मैंने प्रदेश भाजपा इकाई प्रमुख चंद्रकांत पाटिल को इस बारे में सूचित कर दिया है।’’
खड़से को तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का प्रतिद्वंदी माना जाता था। उन्हें 2016 में भूमि हथियाने के आरोपों को लेकर तत्कालीन भाजपा सरकार से राजस्व मंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए बाध्य किया गया था।
भाजपा के दिग्गज नेता गोपीनाथ मुंडे की पुत्री पंकजा ने चुनाव में अपनी हार के बाद सोमवार को अपने ट्विटर परिचय से ‘भाजपा’ शब्द हटा दिया था। इसके बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें लगायी जाने लगी। यद्यपि उन्होंने मंगलवार को कहा कि दलबदल उनके खून में नहीं है और वह भाजपा नहीं छोड़ेंगी।


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