जबलपुर (मध्यप्रदेश) : भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति जी पी गुप्ता की एकल पीठ ने आचार संहिता का उल्लंघन करने के मामले में उनके खिलाफ भोपाल जिला एवं सत्र न्यायालय के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत में चल रहे आपराधिक प्रकरण की सुनवाई पर बुधवार को रोक लगा दी। गौरतलब है कि प्रदेश में पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने 27 अक्टूबर को भोपाल के एमपी नगर स्थित प्लॉट नम्बर 1 में पत्रकारवार्ता की थी। पत्रकारवार्ता के लिए दोपहर एक से तीन बजे तक का समय निर्धारित था। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने निर्धारित समय से पूर्व 12.30 बजे ही पत्रकारवार्ता शुरू कर दी थी।
निर्धारित समय से पूर्व पत्रकारवार्ता प्रारंभ करने को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए निर्वाचन अधिकारी एल एल अहिरवार ने उनके खिलाफ एमपी नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। पुलिस ने धारा 188 के तहत मामला दर्ज कर उनके खिलाफ सीजेएम की अदालत में चालान पेश किया था। सीजेएम की अदालत ने मामले को खारिज किये जाने का आवेदन अस्वीकार करते हुए उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण में आरोप तय कर दिये थे। अदालत ने संबित पात्रा की व्यक्तिगत उपस्थिति सुनिश्चित करते हुए उनके खिलाफ 26 दिसंबर 2018 को जमानती वारंट भी जारी किया था जिसके खिलाफ उन्होंने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।
पात्रा की इस याचिका में मांग की गयी थी कि भोपाल पुलिस द्वारा दर्ज आपराधिक प्रकरण को खारिज किया जाये। याचिका पर बुधवार को हुई सुनवाई के बाद एकल पीठ ने भोपाल के सीजीएम की अदालत में चल रहे प्रकरण की सुनवाई पर रोक लगाने के आदेश जारी किये।याचिकाकर्ता की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता पुरूषेन्द्र कौरव एवं अधिवक्ता नम्रना अग्रवाल ने की।


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