पश्चिम बंगाल की कोलकाता पुलिस ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं को बाइक रैली निकालने की अनुमति नहीं दी। पुलिस ने बताया कि शहर में रामनवमी के अवसर पर रैलियों पर प्रतिबंध लगे होने के कारण किसी राजनीतिक और धार्मिक संगठन को बाइक रैली निकालने की अनुमति नहीं दी गयी है।
राज्य में त्योहार के अवसर पर निकाले जाने वाले जुलूस के दौरान हथियारों के प्रदर्शन पर पहले से ही रोक लगी हुई है। उन्होंने बताया कि भाजपा और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की ओर से सामान्य रैलियां निकालने पर कोई रोक नहीं लगायी गयी है लेकिन बाइक रैली के मामले में 10 से अधिक बाइक के शामिल होने पर पाबंदी है।
पुलिस ने बताया कि केवल परंपरागत रैलियों को अनुमति दी गयी और उनकी वीडियोग्राफी करायी जा रही है। उन्होंने बताया कि बाइक रैली के समय सड़क पर अन्य मोटरसाइकिलों के परिचालन पर रोक नहीं है लेकिन वे कम से कम 100 मीटर दूर होनी चाहिए। साथ ही इसके बारे में स्थानीय थाने में जानकारी देना अनिवार्य है। इस वर्ष विहिप ने बंगाल में लगभग 700 रैलियां निकालने का एलान किया है।
इनमें से कुछ शनिवार को हो रही हैं लेकिन अधिकतर रविवार को होंगी। राज्य सरकार ने रामनवमी के अवसर पर कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिए निर्वाचन आयोग से केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग की है।
राज्य सरकार ने निर्वाचन आयोग से आसनसोल और बैरकपुर में केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की है। माल्दा और मुर्शिदाबाद में पहले से ही केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात हैं जहां 23 अप्रैल को मतदान होना है। इस बीच, तृणमूल के वरिष्ठ नेता अणुव्रत मंडल ने भाजपा के रामनवमी जुलूस को ‘असभ्य लोगों की रैली’ बताते हुए कहा कि इस दौरान कोई भी अप्रिय घटना हुई तो राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग कार्रवाई करेगा।


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