केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता नारायण राणे की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। दिशा सालियान से जुड़े मानहानि मामले में पुलिस थाने के चक्कर लगा रहे राणे को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने नोटिस जारी किया है। बीएमसी केन्द्रीय मंत्री को उनके मुंबई स्थित बंगले पर कथित तौर पर अनधिकृत बदलाव के लिए नोटिस जारी करते हुए 7 दिनों के अंदर जवाब मांगा है।
4 मार्च यानी शुक्रवार को बीएमसी ने नोटिस जारी कर बंगले के मालिक से सात दिनों के भीतर इस संबंध में उचित कारण बताने को कहा गया है कि आखिर इस तरह के बदलाव को क्यों नहीं गिराया जाए। बीएमसी ने नोटिस में भू-तल और बंगले की आठ मंजिलों में से सात (सातवीं मंजिल को छोड़कर) को इस्तेमाल करने के लिए उसमें ‘‘अनधिकृत’’ बदलाव करने का उल्लेख किया गया है।
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तटीय नियामक क्षेत्र (सीआरजेड) के मानदंडों के कथित उल्लंघन के लिए पिछले महीने नगर निकाय अधिकारियों के एक दल ने यहां जुहू इलाके में ‘अधीश’ नाम के बंगले का निरीक्षण किया था। मुंबई नगर निगम (एमएमसी) अधिनियम, 1888 की धारा 351 (एक) के तहत नोटिस जारी किया गया है। के-वेस्ट वार्ड के एक नामित अधिकारी द्वारा जारी नोटिस में, बीएमसी ने कहा कि बंगले में किए गए परिवर्तन नागरिक निकाय द्वारा अनुमोदित योजनाओं के अनुरूप नहीं थे।
नोटिस में कहा गया कि उक्त अधिनियम की धारा 351 (एक) द्वारा मुझे प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, आपको इस संबंध में उचित कारण बताने का निर्देश दिया जाता है कि आखिर उक्त भवन या वहां किए बदलावों को गिराया क्यों ना जाए। बीजेपी में शामिल होने से पहले राणे शिवसेना में थे। उन्हें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का कटु आलोचक माना जाता है।


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