झारखंड के रांची में करोड़ों रुपयों की लागत से कांची नदी पर बना पुल ‘यास’ तूफान के चलते धराशायी हो गया। तीन साल पहले 13 करोड़ रुपये की लागत से ग्रामीण विकास विभाग विशेष द्वारा बनवाया गया यह पुल रांची जिले के तमाड़, बुंडू और सोनाहातु को जोड़ता था। पुल का अभी तक एप्रोच रोड नहीं बनने से विधिवत उद्घाटन भी नहीं हुआ था।
जानकारी के अनुसार, पुल यास तूफान की वजह से राज्य में पिछले 24 घंटे से ज्यादा समय से हो रही बारिश के कारण टूट गया। इस हादसे में किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है। 600 मीटर लंबे इस पुल के अचानक धंस जाने से दोनों तरफ के ग्रामीण पुल के दोनों तरफ फंस कर रह गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल के निर्माण के दौरान कई अनियमितता बरती गई। मजबूती का ख्याल बिल्कुल भी नहीं रखा गया और दलदल में ही पुल के पिलरों को खड़ा किया गया, जिसकी वजह से नींव कमजोर रही और तूफान को नहीं झेल सकी।फिलहाल प्रशासन पुल गिरने के कारणों का पता लगाने में जुट गया है।
पुल के टूटने का एक कारण ग्रामीणों ने बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन को भी बताया है। उनका कहना है कि पुल के आसपास नदी से अवैध बालु खनन भी है, जिसमें बालु तस्कर नदी पुल के आसपास जेसीबी लगा कर बालु खनन करते हैं। इस अवैध खनन को रोकने के लिए प्रशासन की तरफ से अब तक कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है।


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