बीएसएफ ने ओडिशा के माओवाद प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे निर्भीक होकर मतदान करें। बीएसएफ ने दावा किया है कि उनकी भागीदारी से चरमपंथियों को ‘‘स्पष्ट संदेश’’ जाएगा कि हिंसा और धमकी राज्य में अब और स्वीकार्य नहीं है। ओडिशा के 147 विधानसभा सीटों और 21 लोकसभा सीटों पर चार चरणों में 11 अप्रैल, 18, 23 और 29 अप्रैल को साथ-साथ मतदान होगा।
राज्य के कई हिस्से में माओवादियों द्वारा लगाए गए पोस्टर में लोगों से चुनावों का बहिष्कार करने की अपील की गई है। अर्द्धसैनिक बल को पहली बार ओडिशा में चुनाव कराने का काम सौंपा गया है, जिसने लोगों को आश्वासन दिया है कि वे शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए कदम उठा रहे हैं।
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बीएसएफ के आईजी अश्विनी कुमार सिंह ने बयान जारी कर कहा, ‘‘सभी मुख्य मार्गों की नियमित जांच हो रही है और घटना मुक्त चुनाव कराने के लिए खुफिया नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है।’’ अश्विनी कुमार सिंह ने कहा, ‘‘मतदाता अगर बड़ी संख्या में माओवाद प्रभावित इलाकों में वोट करने के लिए आते हैं तो इससे चरमपंथियों को स्पष्ट संदेश जाएगा कि हिंसा और धमकी अब और स्वीकार्य नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि माओवाद प्रभावित बड़े इलाकों में 11 अप्रैल को चुनाव कराए जाएंगे। सिंह ने कहा कि अर्द्धसैनिक बलों को दो संसदीय क्षेत्रों नबरंगपुर और कोरापुट और 14 विधानसभा सीटों पर तैनात किया गया है। अश्विनी कुमार सिंह ने कहा, ‘‘राज्य पुलिस और स्थानीय प्रशासन के समन्वय में बीएसएफ ने ओडिशा में सुरक्षा तैयारियों को पुख्ता किया है।’’


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