कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सोमवार को कोलकाता मेट्रो रेलवे निगम (केएमआरसी) को यहां बहुबाजार क्षेत्र में सुरंग बनाने वाली उसकी मशीन को पांच मीटर तक ले जाने की इजाजत दे दी। बहुबाजार क्षेत्र में ही अगस्त में सुरंग बनाने के दौरान जलवाही स्तर फट गया था और इस वजह से कई मकान ढह गये थे।
केएमआरसी ने रखरखाव कार्य के लिए मशीन के इस्तेमाल की इजाजत के लिये उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। अदालत ने बहुबाजार की घटना के बाद सितंबर में पूर्व-पश्चिम मेट्रो कॉरीडोर के सुरंग निर्माण कार्य पर अस्थायी रोक लगा दी थी।
मुख्य न्यायाधीश टी बी एन राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी की खंडपीठ ने केएमआरसी को बोरिंग मशीन को अन्यत्र ले जाने के लिए विशेषज्ञ समिति की सिफारिश के अनुसार काम करने का निर्देश दिया । पीठ ने 16 दिसंबर तक केएमआरसी को काम पूरा होने पर एक रिपोर्ट पेश करने का भी निर्देश दिया है। इस मामले में इसके बाद ही आगे सुनवाई होगी।
विभिन्न देशों के विशेषज्ञों की एक समिति ने शुक्रवार को अदालत में रिपोर्ट सौंपी और कहा कि पांच मीटर तक मशीन को हटाना रखरखाव कार्य के लिए जरूरी है और यह काम उसके निरीक्षण में किया जाएगा।
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘ समिति के सदस्य का यह सर्वसम्मत विचार है कि पांच मीटर तक मशीन हटाने से जमीन नहीं धंसेगी और फलस्वरूप धरती पर जान-माल पर प्रभाव नहीं पड़ेगा।’’ पूर्व-पश्चिम मेट्रो परियोजना पर काम कर रही केएमआरसी ने उच्च न्यायालय से 8 नवंबर को कहा था कि 31 अगस्त से बोरिंग मशीन घटनास्थल पर है और इसे चालू स्थिति में बनाये रखने के लिये पांच मीटर तक ले जाना जरूरी है।


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