मुंबई : सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला महाराष्ट्र सरकार के लिए झटका देने वाला है, जो कहती रही है कि मुंबई पुलिस जांच करने में सक्षम है। उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि अभिनेता की मौत के पीछे का सच सामने आना चाहिए, वहीं केंद्र सरकार ने सूचित किया कि उसने मामले में सीबीआई जांच की बिहार सरकार की सिफारिश को स्वीकार कर लिया है।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और गृह मंत्री अनिल देशमुख कहते आ रहे हैं कि मामले को सीबीआई को सौंपने की कोई जरूरत नहीं है। हालांकि, उन पर अनेक पक्षों की ओर से इसके लिए दबाव बढ़ रहा था। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और स्थानीय भाजपा नेता आशीष शेलार ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि बेगुनाह लोगों से पूछताछ की जा रही है, वहीं संदिग्धों की अनदेखी की जा रही है।
भाजपा के राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय से जांच कराने की मांग की थी।
बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी इस तरह की मांग की थी।
मुजफ्फरपुर से भाजपा सांसद अजय निषाद ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की थी। राकांपा नेता और महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि इस घटना में सीबीआई जांच के लिए सिफारिश करना बिहार सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
उच्चतम न्यायालय ने महाराष्ट्र, बिहार और राजपूत के पिता कृष्ण किशोर सिंह को राजपूत की दोस्त रिया चक्रवर्ती की याचिका पर तीन दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। रिया ने पटना में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को मुंबई स्थानांतरित करने की मांग की थी।


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