आर्थिक संकट से जूझ रही मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की सरकार को केंद्र सरकार ने खुले बाजार से 2,373 करोड़ का अतिरिक्त कर्ज लेने की मंजूरी दे दी है। नगरीय निकाय के चुनाव से ठीक पहले केंद्र सरकार ने यह मंजूरी देकर मुख्यमंत्री शिवराज की सरकार को बड़ी राहत दी है। लेकिन केंद्र ने मंजूरी देने के साथ कुछ शर्ते भी रखी हैं, केंद्र सरकार की शर्त के मुताबिक राज्य सरकार को कर्ज की राशि का 50% नागरिक सुविधाओं में खर्च करना होगा। केंद्र ने कहा है कि नगरीय निकायों से जुड़े सुधारों के साथ वन नेशन-वन राशन कार्ड स्कीम को लागू करने में भी इस राशि का उपयोग किया जाए।
जानकारी के मुताबिक केंद्रीय वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की मंशा के अनुरूप मध्य प्रदेश ने अपने स्थानीय निकायों के कामकाज में काफी सुधार किया है। इस दिशा में आगे प्रोत्साहित करने के लिए वित्त मंत्रालय ने मध्य प्रदेश सरकार को खुले बाजार से अतिरिक्त पूंजी जुटाने की अनुमति दे दी है। मध्य प्रदेश के अलावा आंध्र प्रदेश को भी यह अनुमति दी गई है। दोनों राज्यों को यह सुविधा स्वास्थ्य और साफ-सफाई जन सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए दी गई है। शहरी स्थानीय निकायों में सुधार का उद्देश्य राज्य में यूएलबी की वित्तीय स्थिति बेहतर करना है ताकि वह सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता सेवाएं प्रदान करने में सक्षम हो सके।
जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश में बाजार का कुल 2 लाख 11 हजार 89 करोड़ से ज्यादा का कर्ज हो चुका है। साल 2018 के अंत में यह कर्ज 1 लाख 80 हजार करोड़ था। सीएम शिवराज की सरकार द्वारा हाल ही में 2000 करोड़ रुपए का कर्ज बाजार से लिया गया है। इसके बाद मौजूदा वित्त वर्ष में शिवराज सरकार 9 माह में 16,500 करोड़ रूपए कर्ज ले चुकी है।


Download Android App
Download iOS App



