पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष ममता बनर्जी ने शुक्रवार को आशंका जताई कि केंद्रीय जांच एजेंसियां राज्य में फिर से सक्रिय हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि वार्षिक ‘शहीद दिवस’ कार्यक्रम के तुरंत बाद उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज हो सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा, इस कार्यक्रम की सफलता के बाद केंद्रीय एजेंसियों को फिर से सक्रिय किया जा सकता है। हम इनसे अच्छी तरह वाकिफ हैं। लेकिन हम ऐसी धमकियों से नहीं डरेंगे और अन्याय के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेंगे। मैं चुनौतियों को स्वीकार करने में विश्वास रखती हूं।
पिछले साल शहीद दिवस कार्यक्रम का संचालन चटर्जी ने ही किया था
पिछले साल 23 जुलाई की सुबह शहीद दिवस कार्यक्रम के 48 घंटे से भी कम समय बाद अपनी पहली बड़ी कार्रवाई में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी को करोड़ों रुपये के स्कूल भर्ती मामले में उनकी कथित संलिप्तता के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। पिछले साल शहीद दिवस कार्यक्रम का संचालन चटर्जी ने ही किया था।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य में हाल ही में संपन्न पंचायत चुनावों में हिंसा की कुछ घटनाएं विपक्षी दलों द्वारा रची गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा, 71,000 से अधिक बूथों पर चुनाव हुए और हिंसा की घटनाएं सीमित क्षेत्रों में हुई। इस बार के चुनाव पिछले वाम मोर्चा शासन के दौरान ग्रामीण निकाय चुनावों में होने वाले नरसंहार की तुलना में ज्यादा शांतिपूर्ण थे। उन्होंने पश्चिम बंगाल की छवि को ”जानबूझकर खराब करने” के लिए मीडिया पर भी तीखा हमला बोला।


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