कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने गुरुवार को कहा कि राज्य पुलिस ने बसवराज बोम्मई सरकार की गरिमा बनाए रखने के लिए संतोष पाटिल कथित आत्महत्या मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता केएस ईश्वरप्पा को क्लीन चिट दे दी है।
श्री शिवकुमार ने संवाददाताओं से कहा ‘‘संतोष पाटिल आत्महत्या की जांच के दौरान, मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, बीएस येदियुरप्पा और गृह मंत्री अरागा जनेंद, ने पहले ही उन्हें (ईश्वरप्पा) को क्लीन चिट दे दी थी। इससे जांचकर्ताओं पर दबाव बढ़ गया और उन्होंने सरकार की गरिमा बनाए रखने बी रिपोर्ट को प्रस्तुत किया गया। हर कोई इस मामले में तथ्यों से अवगत है।
आरडीपीआर मंत्री के रूप में भ्रष्टाचार की शिकायत
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने संतोष पाटिल के परिवार के सदस्यों को न्याय नहीं दिलाया, जबकि पीड़ति ने ईश्वरप्पा का नाम लेकर कहा था कि काम पूरा करने के लिए उन्होंने 40 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी। उन्होंने कहा कि संतोष पाटिल ने प्रधानमंत्री नरेंद, मोदी को पत्र लिखकर श्री ईश्वरप्पा के आरडीपीआर मंत्री के रूप में भ्रष्टाचार की शिकायत की थी।
40 प्रतिशत कमीशन सरकार से ध्यान नहीं हटायेंगे
श्री शिवकुमार ने कहा। ‘‘न केवल संतोष पाटिल, बल्कि मंत्री गोविंदा करजोल, रमेश जरकीहोली और मुरुगेश निरानी ने भी कहा था कि पीड़ति ने बेलगावी जिले में सिविल कार्य पूरा कर लिया था। संतोष पाटिल की पत्नी ने भी राज्यपाल थावरचंद गहलोत को एक पत्र भी लिखा था। सरकार ने हालांकि उनको न्याय नहीं दिलाया। कांग्रेस नेता ने कहा कि 40 प्रतिशत कमीशन सरकार से ध्यान नहीं हटायेंगे।


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