केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने बुधवार को कहा कि नीति आयोग के मुताबिक राज्य लैंगिक न्याय में अग्रणी है, लेकिन अब भी महिलाओं को कार्यस्थल पर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है जिसका समाधान मानसिकता में बदलाव के जरिये ही हो सकता है।
सशक्तिकरण के रास्ते पर ले जाने के कार्य
विजयन ने राज्य विधानसभा में कहा कि सरकार और विभिन्न स्वयंसेवी संगठन महिलाओं को सशक्तिकरण के रास्ते पर ले जाने के लिए कार्य कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि राज्य ने स्थानीय स्वशासित निकायों में 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए सुनिश्चित की हैं और यह मॉडल देश के लिए अनुकरणीय है।

विधायक के के शैलजा ने उठाए मुद्दे
मुख्यमंत्री सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की विधायक के के शैलजा द्वारा उठाए गए मुद्दे का जवाब दे रहे थे। शैलजा ने कहा था कि सरकार द्वारा सभी को विश्वास में लेकर महिलाओं और ट्रांसजेंडर के लिए लैंगिक न्याय और समानता सुनिश्चित की जानी चाहिए।


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