भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने असम में अपनी चुनाव रैली से पहले आज कामाख्या मंदिर में पूजा अर्चना की। असम में चुनाव प्रचार को गति देते हुए योगी आदित्यनाथ आज होजाई, कलाईगांव और रंगिया विधानसभा क्षेत्रों में तीन सार्वजनिक रैलियों में शामिल होंगे।
कलाईगांव में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि असम की धरती शंकर देव की धरती भी है। वे ऐसे दूरदर्शी महापुरूष थे जिन्होंने भारत में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की अलख जगाते हुए घुसपैठ की समस्या के बारे में ध्यान आकर्षित किया था। इसीलिए शंकर देव को कांग्रेस ने मान्यता नहीं दी।
उन्होंने कहा कि शंकरदेव ने हमें घुसपैठ की समस्या के प्रति सचेत किया था और इसलिए कांग्रेस शंकरदेव को कभी बर्दाश्त नहीं कर पाई। कांग्रेस की नीति समृद्धि नहीं, तुष्टिकरण और येन-केन-प्रकारेण सत्ता प्राप्त करने की थी। इसकी कीमत लंबे समय तक असम वासियों को उग्रवाद के रूप में चुकानी पड़ी।
सीएम योगी ने विपक्ष पर प्रहार करते हुए कहा कि असम विकास में पिछड़ा है इसके पीछे कांग्रेस है। कांग्रेस कभी विकास की पक्षधर नहीं रही। यह नया भारत है जहां सभ्यता और संस्कृति के साथ खिलवाड़ करने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती। हम विकास की योजनाओं में किसी के साथ जाति, मजहब, क्षेत्र और भाषा के आधार पर भेदभाव नहीं करेंगे।
योगी ने आरोप लगाया कि पहले की सरकारों ने उत्तर-पूर्व के राज्यों की अनदेखी की लेकिन अब इन राज्यों को विकास में अब पंख लग गए हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में राम मंदिर का सपना पूरा हुआ और भारत का काम राम के बिना नहीं चल सकता। बता दें कि भाजपा की असम चुनावों के लिए स्टार प्रचारकों की सूची इस महीने के शुरूआत में जारी की गई है। इस सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नाम शामिल हैं। असम में तीन चरणों में 27 मार्च, एक अप्रैल और छह अप्रैल को विधानसभा चुनाव होने है। मतों की गिनती दो मई की जायेगी।


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