मध्यप्रदेश के कुख्यात हनी ट्रैप मामले में आरोप पत्र पेश किये जाने की तैयारियों के बीच इस हाई प्रोफाइल सेक्स कांड में निलंबित सरकारी अधिकारी ने शनिवार को जिला अदालत में अपना बयान दर्ज कराया। इस अधिकारी की शिकायत के बाद ही पुलिस ने करीब तीन महीने पहले हनी ट्रैप मामले का खुलासा किया था।
इंदौर नगर निगम (आईएमसी) के निलंबित अधीक्षण इंजीनियर हरभजन सिंह (60) ने प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (जेएमएफसी) राकेश कुमार कुशवाह की बंद अदालत में बयान दर्ज कराया। यह बयान दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 164 के तहत दर्ज किया गया और इस प्रक्रिया में करीब डेढ़ घंटा लगा।
सिंह का बयान दर्ज कराने के लिये पुलिस ने जिला अदालत में अर्जी दायर की थी।
इस बीच, अभियोजन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि हनी ट्रैप मामले में 16 दिसंबर (सोमवार) को आरोप पत्र पेश किये जाने की तैयारी की जा रही है।
पुलिस ने सिंह की ही शिकायत पर मामला दर्ज कर सितंबर में हनी ट्रैप गिरोह का औपचारिक खुलासा किया था। गिरोह की पांच महिलाओं समेत छह सदस्यों को भोपाल और इंदौर से गिरफ्तार किया गया था।
आईएमसी अधिकारी ने पुलिस को बताया था कि इस गिरोह ने उनके कुछ आपत्तिजनक वीडियो क्लिप वायरल करने की धमकी देकर उनसे तीन करोड़ रुपये की मांग की थी। ये क्लिप खुफिया तरीके से तैयार किये गये थे।
हनी ट्रैप मामले के खुलासे के चार दिन बाद आईएमसी ने अनैतिक कार्य में शामिल होने के आरोप में सिंह को निलंबित कर दिया था।


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