उत्तर प्रदेश के बाद उत्तराखंड में भी सियासी भूचाल आ गया है। विधानसभा चुनाव से कुछ समय पहले सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सभी को चौंका दिया। उत्तराखंड के पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत को कांग्रेस को शामिल करने के संदर्भ में सोमवार को कोई न कोई फैसला होने की संभावना है।
बता दें कि रावत को रविवार को उत्तराखंड की भारतीय जनता पार्टी की सरकार से बर्खास्त करने के साथ ही भाजपा से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि हरक सिंह रावत को पार्टी में शामिल करने को लेकर फैसला जल्द हो सकता है और संभावना है कि सोमवार को ही इस बारे में निर्णय हो जाएगा।
पार्टी ने फिलहाल कोई फैसला नहीं किया है
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘पार्टी ने फिलहाल कोई फैसला नहीं किया है। लेकिन सोमवार को दोपहर या शाम तक कोई न कोई फैसला हो सकता है।’’ उधर, इस बारे में पूछे जाने पर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा, ‘‘हरक सिंह रावत को लेकर फिलहाल कोई चर्चा नहीं हुई है। पार्टी में आगे जो भी फैसला होगा, वह सामूहिक होगा।’’ सूत्रों के मुताबिक, हरक सिंह रावत पिछले कुछ समय से कांग्रेस के कुछ नेताओं के लगातार संपर्क में हैं और वह अपने अलावा अपने कुछ समर्थकों के लिए भी टिकट चाहते हैं।
एक या दो समर्थक विधायकों और पुत्रवधू के लिए टिकट चाहते हैं रावत
कांग्रेस के एक सूत्र ने बताया, ‘‘हरक सिंह रावत अपने एक या दो समर्थक विधायकों और पुत्रवधू के लिए टिकट चाहते हैं। लेकिन पार्टी उत्तराखंड की जनता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भावना के अनुसार ही कोई फैसला करेगी।’’ पौड़ी गढ़वाल जिले की कोटद्वार विधानसभा सीट से विधायक रावत पहले कई वर्षों तक कांग्रेस में थे। पिछले विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले वह भाजपा में शामिल हुए थे।


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