गृह मंत्री अनिल देशमुख पर आरोपों के बाद महाराष्ट्र सरकार में हलचल मची हुई है। महाराष्ट्र की महाविकास आघाडी सरकार का प्रमुख घटक कांग्रेस ने अपनी महाराष्ट्र इकाई से अनिल देशमुख पर लगाए गए आरोपों को लेकर रिपोर्ट मांगी है। रविवार की देर शाम पार्टी के कोर ग्रुप की वर्चुअल मीटिंग में महाराष्ट्र के राज्य प्रभारी एच.के. पाटिल ने गृह मंत्री देशमुख पर लगे आरोपों के बाद बनी स्थिति पर चर्चा की।
इस बैठक में प्रदेश की कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले, विधायक दल के नेता बालासाहेब थोरात समेत अन्य नेता मौजूद थे। मीटिंग के बाद पाटिल ने कहा कि उन्होंने राज्य के नेताओं से इस मामले पर रिपोर्ट मांगी है। वहीं सोनिया गांधी ने रविवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) सुप्रीमो शरद पवार से मिलने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ को भेजा था।
साथ ही यह जानकारी लेनी चाही थी कि क्या राज्य में सरकार को कोई खतरा तो नहीं है। एनसीपी ने रविवार को कहा कि मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परम बीर सिंह द्वारा लगाए गए सनसनीखेज आरोपों को लेकर अनिल देशमुख का इस्तीफा देने का कोई सवाल ही नहीं उठता है।
6 जनपथ स्थित शरद पवार के आवास पर मैराथन बैठक के बाद एनसीपी की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख जयंत पाटिल ने कहा, “अनिल देशमुख के इस्तीफा देने का कोई सवाल ही नहीं उठता है। एंटीलिया बम मामले और मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में महाराष्ट्र एटीएस और एनआईए जांच कर रहे हैं और सभी का मानना है कि दोषी को जल्द सजा दी जाएगी। हमें एटीएस और एनआईए की जांच पर पूरा भरोसा है और विश्वास है कि मुख्य अपराधी पकड़ा जाएगा। इस पूरे मामले में महाराष्ट्र की सरकार जांच में सहयोग कर रही है।”
इससे पहले एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पवार ने कहा था, “यह वास्तव में महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामला है। इस मामले में गहन पूछताछ होनी चाहिए।” बता दें कि मुंबई के पूर्व पुलिस प्रमुख परम बीर सिंह के शनिवार को यह कहते ही बवाल मच गया कि देशमुख ने निलंबित सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वाजे से मुंबई के रेस्तरां, बार, पब आदि से हर महीने 100 करोड़ रुपये इकट्ठा करने के लिए कहा था। वाजे वही अधिकारी हैं जिन्हें एसयूवी मामले में गिरफ्तार किया गया है।


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