देशभर में कोरोना वायरस का कहर तेजी से बढ़ रहा है। वायरस से निपटने के लिए सरकार हरसंभव कोशिश कर रही है। संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार ने देश में लॉकडाउन लगा रखा है, बावजूद इसके संक्रमण के मामले दिन पर दिन लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस बीच, शनिवार को आंध्र प्रदेश में कोरोना के 48 नए मामलों की पुष्टि हुई है। 48 नए मामलों के साथ राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2,355 तक पहुंच गई है। जबकि संक्रमण से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जिससे राज्य में वायरस से मरने वालों की संख्या 49 हो गई है। इस बीच, सरकार प्रदेश के भीतर प्रवासी श्रमिकों के लिए मुफ्त बसें चलाने के लिए तैयारी कर रही है।
स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन में कहा गया कि कुल मामलों में से 31 चेन्नई के कोयमबेडु बाजार से जुड़े हुए हैं। शनिवार सुबह 9 बजे तक पिछले 24 घंटे की अवधि में सामने आए नये मामलों में से नेल्लोर, गुंटूर और कुरनूल जिलों के 9-9 मामले हैं। चित्तूर से 8, कृष्णा से 7, विशाखापत्तनम से 4 और कडपा एवं पश्चिम गोदावरी से एक-एक मामला सामने आया है। इसमें बताया गया कि एक मरीज की मौत कुरनूल में हुई। कुल 9,628 लोगों के नमूनों की जांच की गई और 101 लोगों को इलाज के बाद विभिन्न अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई जिसके बाद स्वस्थ हुए लोगों की संख्या 1,353 हो गई। राज्य में अभी 803 मरीजों का इलाज चल रहा है।
इस बीच, मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने उपमुख्यमंत्री (स्वास्थ्य) ए के के श्रीनिवास, मुख्य सचिव नीलम साहनी, डीजीपी गौतम सवांग और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की और लॉकडाउन से बाहर निकलने के दौरान होने वाली रणनीतियों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, रेड्डी ने अधिकारियों से लॉकडाउन से बाहर निकलने की योजना के तहत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने के लिए कहा है। प्रवासी मजदूरों के संबंध में, रेड्डी ने कहा कि उन्हें राज्य की सीमाओं तक मुफ्त में पहुंचाया जाना चाहिए और उन्हें भोजन और पेयजल मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘प्रवासी मजदूरों को एसओपी के तहत चलायी जाने वाली बसों में मुफ्त परिवहन की सुविधा प्रदान की जानी चाहिए।’’मुख्यमंत्री ने कोविड-19 के बारे में जनता को शिक्षित करने और इससे जुड़े भय को दूर करने के उपाय पर भी जोर दिया।


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