पटना, (पंजाब केसरी) : केंद्र सरकार द्वारा किसान, मजदूरों को बड़ा आर्थिक पैकेज की घोषणा कर सरहानीय कार्य किया है । यह पैकेज किसानो को कैसे मिलेगा इसपर केंद्र सरकार को स्पष्ट करना चाहिए । ये बाते वंचित समाज पार्टी के चुनाव अभियान समिति के चेयरमैन ललित सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि किसानो के फसल पर दाम, महिलाओ की समूह जो पापर बनाने मे लगी हुई है उनको कैसे उपलब्ध कराई जाएगी । क्योंकि किसानो तक पैसा पहुंचने मे महीनो लग जायेगा बिहार के लाखो प्रवासी मजदूर पैदल आ रहे है भूखे मर रहे है उनको खाना खिलाने मे सरकार आना कनि कर रही है । केंद्र और राज्य सरकार मिल कर आम जनता को फुटबॉल की तरह खेल रहे है । इसमें केंद्रीय मंत्री रामबिलास पासवान एवं मदन साहनी के बीच गृह वाक्य युद्ध जारी है । यह केवल जनता को भटकाया जा रहा है । जनता सब समझ रही है केंद्र व राज्य सरकार की मनसा को । जब राज्य मे 90हजार लीटर शराब चूहा पी जाती है तो गरीबो की अनाज को कैसे छोड़ेगी । लोग पैदल चल कर लाखो प्रवासी मजदूर आ रहे है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बैठ कर भाषण दे रहे है । आप लोग पैदल न चले राज्य सरकार ने बिहार आपदा प्रबंधन विभाग मे ऐसे ब्यक्ति के हाथो में सौपा है कि उसे आम जन से क्या मतलब है। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि माईक्रोलेबल पर अनाज एवं पैसे का वितरण पारदर्शिता के साथ करे । किसानो के फसल 48.72 घंटे खरीद कर उचित मूल्य उपलब्ध कराये तभी समस्या का समाधान होगा।
नीतीश का भाषण खोखला साबित , पैदल आ रहे प्रवासी मजदूर :ललित सिंह
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केंद्र सरकार द्वारा किसान, मजदूरों को बड़ा आर्थिक पैकेज की घोषणा कर सरहानीय कार्य किया है । यह पैकेज किसानो को कैसे मिलेगा इसपर केंद्र सरकार को स्पष्ट करना चाहिए ।


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