देश भर में कोरोना वायरस के रोकथाम लगाने के मद्देनजर पूरे देश में लॉकडाउन लगा हुआ है। देश भर में लॉडाउन का तीसरा चरण 4 मई से शुरू हुआ है हालांकि लॉकडाउन के तीसरे चरण में केंद्र सरकार और राज्य सरकारों द्वारा कुछ रियायतें भी दी गई हैं।
गौरतलब हो कि देशव्यापी लॉकडाउन के कारण हजारों प्रवासी मजदूर देश के अलग-अलग हिस्सों में फंसे हुए हैं हालांकि अब गृह मंत्रालय ने कुछ नियम और शर्तों के साथ प्रवासी मजदूरों को वापिस उनके गृह राज्यों में भेजने के निर्देश दिए हैं जिस के बाद कई राज्य सरकार मजदूरों को वापिस भेजने का काम कर रही हैं।
इसी क्रम में गुजरात सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा लॉकडाउन की पाबंदियों में कुछ रियायतें दिये जाने के बाद से अब तक राज्य से लगभग 3.75 लाख प्रवासी मजदूरों को बस, ट्रेन और अन्य वाहनों के द्वारा उनके गृह राज्यों में भेजा जा चुका है। अधिकारी ने बताया कि 36 हजार और प्रवासी मजदूर सूरत, अहमदाबाद, राजकोट और वड़ोदरा समेत गुजरात के अन्य स्टेशनों से 30 ट्रेनों में उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा और झारखंड के लिए निकलेंगे।
मुख्यमंत्री के सचिव अश्विनी कुमार ने एक वीडियो संदेश में कहा कि मंगलवार तक 39 विशेष ट्रेनों से करीब 47 हजार प्रवासी श्रमिक अपने गृह राज्यों के लिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अब तक गुजरात से ट्रेनों, बसों और अन्य वाहनों से करीब 3.75 लाख प्रवासी मजदूर अपने गृह राज्यों के लिए रवाना हो चुके हैं।’’ कुमार ने दावा किया कि दूसरे राज्यों की तुलना में गुजरात ने प्रवासी मजदूरों के लिए बड़ी संख्या में ट्रेनों का बंदोबस्त किया है।


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