गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने राज्य में ‘कोविड-19’ मरीजों का इलाज करने के लिये आयुर्वेद का उपयोग किया जाएगा वाले दावे पर प्रदेश कांग्रेस ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री के इस दावे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता दिगंबर कामत ने राज्य सरकार को चेतावनी दी कि गोवा वासियों का उपयोग ‘गिनी पिग’ के रूप में नहीं किया जाए।
कामत ने ट्वीट कर कहा, ‘‘ कोविड-19 के इलाज के लिये आयुर्वेद का उपयोग। क्या केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने औषधियों को मंजूरी दी है? क्या आयुष मंत्रालय को इस तरह के उपचार के लिये डब्ल्यूएचओ से मंजूरी मिली है? क्या गोवा के मुख्यमंत्री अपने द्वारा किये गये दावे के ब्यौरे का खुलासा करेंगे? हमें गोवा वासियों का इस्तेमाल ‘गिनी पिग’ के रूप में नहीं करने देना चाहिए।’’
Use of Ayurveda for #Covid19. Has GOI Health Ministry & IEC approved the medicines? Has @moayush got approval from @WHO for such treatment? Will @goacm reveal details of claims made by him? Let us not use Goan’s as Guinea Pigs. @PMOIndia @drharshvardhan @shripadynaik. @INCGoa
— Digambar Kamat (@digambarkamat) April 10, 2020
सावंत ने दावा किया था कि कोविड-19 मरीज और पृथक वास में रखे गये संदिग्ध रूप संक्रमित व्यक्तियों का इलाज आयुर्वेद तथा एलोपैथी से किया जा रहा है। गोवा फारवर्ड पार्टी ने मुख्यमंत्री के दावे का बृहस्पतिवार को विरोध किया था।
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पार्टी प्रमुख विजय सरदेसाई ने ट्वीट किया, ‘‘मैं आयुर्वेद के फायदों को मानता हूं लेकिन मैं यह पूछने के लिये मजबूर हूं कि गोवा के मुख्यमंत्री ने कोविड-19 मरीजों का कौन सा उपचार किया। ’उन्होंने कहा, ‘‘इसके पीछे क्या वैज्ञानिक आधार है? कौन सा मेडिकल अध्ययन इसका समर्थन करता है? क्या गोवावासियों पर किसी तरह का प्रयोग किया गया है?’’उल्लेखनीय है कि गोवा में कोरोना वायरस से संक्रमित छह व्यक्तियों का यहां पास के एक विशेष अस्पताल में इलाज चल रहा है।


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