चक्रवात वायु कमजोर हो गया है और सोमवार आधी रात में गुजरात तट को पार कर इसके ‘दबाव’ के क्षेत्र में बदलने का अनुमान है। हालांकि, कच्छ जिला प्रशासन मुस्तैद है क्योंकि चक्रवात के कारण क्षेत्र में भारी बारिश हो सकती है । अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की पांच टीमें और स्थानीय प्रशासन जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है।
मौसम विभाग ने ताजा बुलेटिन में बताया कि चक्रवात उत्तर-पूर्वी अरब सागर के ऊपर मुड़ गया है और पिछले छह घंटे में करीब 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर पूर्वी दिशा की ओर बढ़ा है और ‘गहरे दबाव’ में बदल गया है।
सोमवार की सुबह चक्रवात नालिया से करीब 260 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिणपश्चिम में, द्वारका के 240 किलोमीटर पश्चिम दक्षिण-पश्चिम और भुज से 340 किलोमीटर दूर पश्चिम दक्षिण पश्चिम में केंद्रित था। मौसम विभाग ने कहा, ‘‘अगले छह घंटे के दौरान सिस्टम के दबाव में बदलने की उम्मीद है।
इसके उत्तरपूर्व की ओर तथा 17 जून की रात उत्तरी गुजरात तट पार कर दबाव में बदलने की संभावना है।’’ मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को राज्य तट के पास प्रतिकूल मौसम रहने की आशंका है। मछुआरों को अगले 24 घंटे में समुद्र में नहीं निकलने की सलाह दी जाती है। कच्छ की जिलाधिकारी रम्या मोहन ने बताया कि एनडीआरएफ की पांच टीमें राहत और बचाव कार्य में मदद के लिए जिले में तैनात हैं।


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