असली शिवसेना का प्रमुख कौन ! इस सवाल का जवाब चुनाव आयोग जल्द ही तय कर देंगा। पार्टी में टूट के बाद से ही शिवसेना के दोनों गुट लगातार पार्टी सिंबल पर अपना दावा ठोक रहा थे , लेकिन तकरार की लड़ाई चुनाव आयोग के द्वार जाने के बाद उसके निर्णय पर टिक गयी हैं। दशहरे के उत्सव पर दोनों गुटों ने अलग -अलग रैली की जिसमें पूर्व के अपनों पर ही आरोप -प्रत्यारोप की बौछार कर दी। उद्धव ठाकरे सक्रियता के साथ पार्टी के सिंबल पर अपना दावा ठोक रहा हैं इसके लिहाज पर उद्धव ठाकरे ने पार्टी पर हक जताते हुए कहा की उनके द्वारा पेश किए गए सबूत को पार्टी के सिंबल पर अपना उनका का ही हक हैं। इस मामले को लेकर अब चुनाव आयोग जल्द ही अपना फैसला सुना सकता हैं।
मुबंई में दशहरा रैली, दिल्ली में चुनाव आयोग में सक्रिय था उद्धव खेमा
एक तरफ जंहा उद्धव ठाकरे गुट मुंबई के शिवाजी मैदान में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे , तो राजधानी दिल्ली पार्टी को बचाने के लिए उद्धव के वफादार नेता चुनाव आयोग पार्टी पर उद्धव का हक जताने के लिए सबूत दे रहे थे। चुनाव आयोग जल्द ही शिवसेना के सिंबल को अपना फैसला सुना सकता हैं।
उपचुनाव से हरकत में चुनाव आयोग
मुंबई के अधेंरी ईस्ट में विधानसभा चुनाव की नजदीक के चलते चुनाव आयोग हरकत में आ गया हैं। क्योंकि शिवसेना के दोनों गुट चुनाव मैदान में दमखम के साथ उतरेंगे। मुंबई में अंधेरी पूर्व विधानसभा क्षेत्र का उपचुनाव 3 नवंबर को हो रहा है। उम्मीद है कि चुनाव आयोग इस उपचुनाव से पहले धनुष बाण पर फैसला दे देगा। क्योंकि अधेंरी ईस्ट पर 14 अक्टूबर तक नामाकंन किया जा सकता हैं । क्योंकि शिवसेना में सिंबल को लेकर हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीमकोर्ट तक लड़ाई लड़ी जा सकी हैं । लेकिन सुप्रीमकोर्ट ने याचिका पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि चुनाव आयोग पार्टी के सिंबल पर फैसला तय करेंगा ।


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