जबलपुर : भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर निर्धारित समय सीमा में उनके जवाब दाखिल नहीं करने को लेकर याचिकाकर्ता ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय से उनके जवाब को निरस्त करने की सोमवार को मांग की। इस पर, अदालत ने याचिकाकर्ता को लिखित में आपत्ति पेश करने के लिए एक महीने की मोहलत दी है।
उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव 2019 के प्रचार के दौरान प्रज्ञा के धार्मिक आधार पर कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने को लेकर भोपाल के पत्रकार राकेश दीक्षित ने उनके खिलाफ चुनाव याचिका दायर किया था और उनका निर्वाचन निरस्त करने की मांग की थी।
याचिका पर सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान प्रज्ञा की तरफ से जवाब पेश किया गया। जबकि निर्धारित समय सीमा में जवाब पेश नहीं करने को लेकर उनका यह अधिकार समाप्त करने के लिए दीक्षित ने लिखित में आपत्ति पेश करने के लिए समय देने का अदालत से आग्रह किया। इसे स्वीकार करते हुए न्यायमूर्ति विशाल घगट ने याचिका पर अगली सुनवाई छह फरवरी को निर्धारित की है।


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