महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने गुरुवार को कहा कि महाराष्ट्र सरकार जलगांव के पूर्व सैनिक को न्याय दिलाएगी, जिस पर कथित तौर पर भाजपा सांसद उनमेश पाटिल और उनके समर्थकों ने हमला किया था। देशमुख ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार ने चार साल पहले पाटिल को बचाने की कोशिश की थी, जब यह घटना हुई। उस वक्त महाराष्ट्र में 2014 से 2019 तक भाजपा सत्ता में थी।
देशमुख के अनुसार जलगांव से सांसद उनमेश पाटिल (जो उस समय विधायक थे) और उनके समर्थकों ने पूर्व सैनिक सोनू महाजन पर 2016 में जानलेवा हमला किया था। तब महाजन ने पुलिस में शिकायत की थी लेकिन, पुलिस ने राज्य में भाजपा के सत्ता में होने की वजह से कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि महाजन ने फिर मुंबई उच्च न्यायालय का रुख किया, जिसने मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था।
देशमुख ने कहा, उनकी प्राथमिकी दर्ज की गई है (अदालत के आदेश के बाद) और पुलिस को इस मामले में जांच के लिए कहा। तब भाजपा ने अपने विधायक को बचाने की कोशिश की थी। लेकिन अब राज्य सरकार मामले की जांच करेगी और महाजन को न्याय दिलाएगी। मंत्री ने साथ ही यह भी बताया कि राज्य सरकार मराठा समुदाय को शिक्षा और नौकरी के क्षेत्र में आरक्षण दिलाने के लिए भी सभी कदम उठा रही है।
उच्चतम न्यायालय ने हालही में मराठा समुदाय को आरक्षण देने वाले 2018 के कानून के क्रियान्वयन पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश दिया था। देशमुख ने कहा कि 12,528 पुलिस कॉन्स्टेबल की भर्ती करते समय राज्य सरकार समाज के हर तबके के साथ न्याय करेगी। मंत्री ने हालांकि अभिनेत्री कंगना रनौत के बॉलीवुड पर लगाए मादक पदार्थ संबंधी आरोपों पर किए सवालों पर कोई टिप्पणी नहीं की।


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