देश कोरोना वायरस (कोविड-19) संकट से जूझ रहा है। इस महामारी को लेकर कांग्रेस और भाजपा में सियासी जंग भी लगातार जारी है। इस बीच कर्नाटक के शिमोगा जिले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। कांग्रेस अध्यक्ष पर आरोप लगाया गया है कि पार्टी के द्वारा सोशल मीडिया पर पीएम केयर्स फंड को लेकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है।

एफआईआर में कहा गया कि कांग्रेस पार्टी की ओर से 11 मई को गलत दावे किए गए और केंद्र सरकार पर झूठे आरोप लगाए गए। पार्टी ने पीएम केअर्स फंड से जुड़े कुछ आरोप लगाए गए जो गलत थे। जिसके कारण सोनिया गांधी के खिलाफ आईपीसी की धारा 153, 505 के तहत ये एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर प्रवीण नामक एक स्थानीय वकील द्वारा दर्ज की गई है जिसने अपील की है कि सोनिया गांधी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए।
बता दें कि कांग्रेस ने एक ट्वीट में कहा था कि “भाजपा की हर योजना की तरह पीएम केयर्स फंड में भी गोपनीयता बरकरार रखी जा रही है। क्या पीएम केयर्स फंड में चंदा देने वाले देशवासियों को इसके उपयोग के बारे में जानकारी नहीं होनी चाहिए?” वहीं पार्टी ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि “पीएम केयर्स नाम से ही स्पष्ट हो रहा है कि ये फंड जनता की नहीं प्रधानमंत्री के लिए बनाया गया है। अगर भाजपा सरकार में जनता की केयर करने की इच्छाशक्ति होती तो सड़कों पर प्रवासी मजदूरों के लंबे काफिले ना होते।”
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एक विडियो के जरिए सरकार से कई सवाल पूछे गए थे। जैसे- पीएम केयर्स फंड में कितने पैसे मिले हैं? इन पैसों का उपयोग कैसे किया जा रहा है? बता दें कि पीएम मोदी ने सहायता एवं आपात स्थिति राहत कोष के गठन की घोषणा की जहां लोग कोरोना वायरस के खिलाफ सरकार की लड़ाई में मदद एवं योगदान दे सकते हैं। जिसमें उन्होंने देशवासियों से इसमें दान करने की अपील की है। पीएम केयर्स फंड ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र मोदी हैं और इसके सदस्यों में रक्षामंत्री, गृहमंत्री और वित्तमंत्री शामिल हैं।


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