मणिपुर में चार मंत्रियों और तीन बीजेपी विधायकों के इस्तीफे के बाद एन बीरेन सिंह की सरकार पर खतरे के बदल मंडरा रहे है। मौजूदा संकट के बीच आज विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। सत्र में विश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होनी है, इससे राज्य में बीजेपी की अगुआई में चल रही गठबंधन सरकार के भविष्य का फैसला हो जाएगा।
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने बीते शुक्रवार को विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश किया था। सीएम बीरेन ने ये कदम तब उठाया था जब विपक्षी कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई। बीजेपी और कांग्रेस ने विधायकों के लिए व्हिप जारी किया है। विधानसभा में बीजेपी के 18 और कांग्रेस के 24 विधायक हैं।
60 सदस्यों वाली विधानसभा से तीन विधायकों के इस्तीफे और चार सदस्यों के दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य करार दिए जाने के बाद अब कुल 53 सदस्य हैं। बीजेपी अध्यक्ष तिकेंद्र सिंह ने विश्वास जताया कि उनकी सरकार बहुमत हासिल करेगी। उन्होंने 30 से अधिक विधायकों के समर्थन का दावा किया, जबकि गठबंधन के 29 विधायक हैं।
मणिपुर में बीजेपी के नेतृत्व में गणबंधन की सरकार है। 17 जून को एनपीपी (नेशनल पीपुल्स पार्टी) के चार विधायकों, तृणमूल कांग्रेस के एकमात्र विधायक और एक निर्दलीय विधायक के समर्थन वापस लेने के बाद सरकार संकट में आ गई है। बीजेपी के अपने तीन विधायक भी पार्टी छोड़ चुके हैं।


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