उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कुंभ में आने के लिए कोविड नेगेटिव जांच रिपोर्ट लाने और पंजीकरण की बाध्यता खत्म करने की मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की घोषणा पर असहमति जताते हुए नाराजगी प्रकट की। उन्होंने सोमवार को कहा कि देश मे कोरोना वायरस संक्रमण फिर पैर पसार रहा है इसलिए सावधानी बरतने की जरूरत है। इस संबंध में पूछे जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि उनकी सरकार ने कोरोना महामारी को लेकर बहुत सावधानी से दिशानिर्देश जारी किए थे लेकिन नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह ने कोरोना रिपोर्ट और पंजीकरण पर छूट देने की बात की है।
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह ने कहा कि कोविड का खतरा कम नहीं हुआ है और इसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के मामले फिर से बढ़ने लगे हैं और पहले 3 राज्यों में चिंताजनक स्थिति थी जबकि अब 7 राज्यों में चिंताजनक हालात बन गए हैं। ऐसे में सभी की जिम्मेदारी है कि सावधानी से काम लिया जाए। त्रिवेंद्र सिंह ने कहा कि हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में टीकाकरण कार्यक्रम बड़े स्तर पर चल रहा है लेकिन लोग टीका लगवाने नहीं जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में टीका 200 लोगों के लिए मिल रहा है जबकि 150 या 160 लोग ही टीका लगवाने जा रहे हैं।दरअसल, मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद तीरथ सिंह रावत ने जब मीडिया से बात की तो उन्होंने महाकुंभ को लेकर भी चर्चा की। साथ ही कहा कि कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं पर किसी तरह की पाबंदी नहीं होगी, 72 घंटे की RT-PCR नेगेटिव रिपोर्ट दिखाना भी कोई जरूरी नहीं होगा। हालांकि, मुख्यमंत्री का कहना था कि राज्य में आने वाले हर व्यक्ति को सरकार की कोरोना गाइडलाइन्स का पालन करना होगा।


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