नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच गोवा और दमन के आर्चबिशप फादर फिलिप नेरी फेराओ ने केंद्र सरकार से बिना किसी शर्त के इस कानून को वापस लेने की मांग की है। साथ ही आर्चबिशप ने सहमति जताने के अधिकार को दबाना बंद करने की अपील की है।
गोवा गिरजाघर की एक शाखा ‘सोसाइटी फॉर सोशल कम्युनिकेशंस मीडिया’ ने बीते शनिवार को कहा, आर्चबिशप और गोवा का कैथोलिक समुदाय सरकार से भारत के लाखों लोगों की आवाज सुनने, असहमति जाहिर करने के अधिकार को ना दबाने और इन सबसे अधिक सीएए को वापस लेने और एनआरसी एवं एनपीआर को लागू ना करने की अपील करता है।
उन्होंने कहा कि सीएए, एनआरसी और एनपीआर ‘‘विभाजनकारी और भेदभावपूर्ण’’ है और यह निश्चित तौर पर हमारे जैसे बहु-सांस्कृतिक लोकतंत्र पर ‘‘नकारात्मक और हानिकारक प्रभाव’’ डालेगा। बता दें की बेंगलुरु महिलाओं ने रविवार को केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) कानून को लेकर टैन्नरी रोड पर प्रदर्शन किया।


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