गोवा के शराब कारोबार से जुड़े हितधारकों ने आशंका व्यक्त की है कि अगर गोवा से शराब लाने पर महाराष्ट्र सरकार की ओर से सख्त कार्रवाई के जाएगी तो उनका कारोबार खत्म हो जाएगा।
जैसा कि महाराष्ट्र सरकार ने कथित तौर पर गोवा से शराब लाने वालों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कार्रवाई करने की धमकी दी है, इस तटीय राज्य के खुदरा विक्रेताओं और थोक विक्रेताओं ने कहा है कि इस तरह की कार्रवाई से निश्चित रूप से उनके व्यवसाय पर असर पड़ेगा। महाराष्ट्र सरकार ने कथित तौर पर अपने आबकारी विभाग को शराब की तस्करी को रोकने के लिए गोवा और सिंधुदुर्ग जिले को जोड़ने वाले छोटे मार्गों पर चौकियां स्थापित करने का निर्देश दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, सड़क मार्ग से गोवा आने वाले पर्यटक ही नहीं बल्कि कई भारी परिवहन वाहन गोवा से शराब की तस्करी करते पाए गए। गोवा लिकर ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दत्ताप्रसाद नाइक ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि महाराष्ट्र सरकार के इस तरह के कदम से गोवा में शराब का कारोबार प्रभावित होगा।
नाइक ने कहा, अगर महाराष्ट्र सरकार लोगों को (शराब की बोतलें लेते हुए) गिरफ्तार करती है और मामले दर्ज करती है, तो यह सोशल मीडिया पर फैल जाएगा और कोई भी गोवा से शराब खरीदने का जोखिम नहीं उठाएगा। नाइक के मुताबिक, गोवा को यह मामला महाराष्ट्र सरकार के सामने उठाना चाहिए और मामले को सुलझाना चाहिए।
नाइक ने कहा, गोवा सरकार को महाराष्ट्र के साथ इस मुद्दे को उठाना चाहिए। सरकार इन कागजात (आगंतुकों को शराब परमिट) जारी करती है, इसलिए उसे यह सुनिश्चित करना होगा कि उन्हें पड़ोसी राज्यों में इस तरह की कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। गोवा सरकार इस परमिट के लिए 20 रुपये लेती है। नाइक ने कहा, हम दमन और दीव और ओडिशा से ये परमिट (आगंतुकों को) देते हैं। इसलिए, जो लोग गोवा में सड़क मार्ग से आते हैं, वे महाराष्ट्र को छोड़कर अपने राज्य वापस नहीं जा सकते हैं।
गोवा के दक्षिण जिले के शराब विक्रेता शैलेश नाइक ने आईएएनएस को बताया कि महाराष्ट्र के इस कदम से गोवा के शराब कारोबार पर असर पड़ेगा। जब पर्यटन सीजन शुरू होता है, तो महाराष्ट्र और अन्य राज्यों के कई पर्यटक गोवा आते हैं। वापस जाते समय वे हमसे शराब खरीदते थे। लेकिन अब वे इसे नहीं खरीदेंगे, इस डर से कि पकड़े जाने पर मकोका के तहत उन पर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कई गोवावासी महाराष्ट्र में धार्मिक स्थलों पर जाते हैं, जिन्हें अब वहां के अधिकारियों द्वारा यह जांचने के लिए रोका जाएगा कि क्या वे शराब ले जा रहे हैं।


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