Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में आज विधानसभा सचिवालय में बजट सत्र के दूसरे चरण के 12वें दिन, DAV स्कूल लक्कड़ बाजार शिमला और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला के पत्रकारिता विभाग के छात्र-छात्राएं सदन की कार्यवाही देखने पहुंचे। कार्यवाही शुरू होने से पहले इन विद्यार्थियों ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से काउंसिल चैम्बर के बाहर मुलाकात की।
Himachal Pradesh: विधानसभा की भूमिका को समझाया

इस दौरान छात्रों ने अध्यक्ष से अनुरोध किया कि वे उन्हें विधानसभा की कार्यप्रणाली, गठन और स्पीकर के महत्व के बारे में सरल भाषा में जानकारी दें। अध्यक्ष ने उनके प्रश्नों का सहज और क्रमबद्ध तरीके से उत्तर देते हुए बताया कि विधानसभा राज्य की कानून बनाने वाली संस्था होती है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि जैसे स्कूल में अलग-अलग कक्षाएं होती हैं, उसी तरह राज्य में कई निर्वाचन क्षेत्र होते हैं। हर क्षेत्र से जनता एक प्रतिनिधि चुनती है, जिसे विधायक कहा जाता है। ये सभी विधायक मिलकर विधानसभा का गठन करते हैं।
कानून बनाने की प्रक्रिया
अध्यक्ष ने बताया कि विधानसभा का प्रमुख कार्य राज्य के लिए कानून बनाना है। जैसे स्कूल में अनुशासन बनाए रखने के लिए नियम जरूरी होते हैं, वैसे ही राज्य को व्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए कानून बनाए जाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जिस राजनीतिक दल के सबसे अधिक विधायक चुने जाते हैं, वह सरकार बनाता है और उसका नेता मुख्यमंत्री होता है। विधानसभा में विधायक जनता से जुड़े मुद्दों को उठाते हैं और सरकार से जवाब मांगते हैं।
बजट और सरकार की जिम्मेदारी

अध्यक्ष ने छात्रों को बजट की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार हर साल यह तय करती है कि वह किन योजनाओं पर कितना खर्च करेगी। इस पूरे वित्तीय प्रस्ताव को बजट कहा जाता है, जिसे विधानसभा में प्रस्तुत किया जाता है और फिर चर्चा के बाद पास किया जाता है।
स्पीकर और विपक्ष की भूमिका
पठानिया ने स्पीकर की भूमिका समझाते हुए कहा कि वह सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने का जिम्मेदार होता है। जैसे स्कूल में प्रिंसिपल अनुशासन बनाए रखते हैं, वैसे ही स्पीकर सदन में व्यवस्था बनाए रखते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जो दल सरकार नहीं बना पाते, वे विपक्ष की भूमिका निभाते हैं। विपक्ष का काम सरकार के कामकाज पर नजर रखना और जनता के हितों की रक्षा करना होता है।
बहस और मतदान की प्रक्रिया
विधानसभा में किसी भी मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होती है, जिसमें सभी विधायक अपनी राय रखते हैं। जब किसी कानून को पारित करना होता है, तो उस पर मतदान कराया जाता है। जिस पक्ष को अधिक वोट मिलते हैं, वही प्रस्ताव कानून बन जाता है।
लोकतंत्र में विधानसभा का महत्व
अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का एक अहम हिस्सा है। यह जनता को अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से शासन में भाग लेने का अवसर देती है और सरकार को जवाबदेह बनाती है। अंत में विधानसभा अध्यक्ष ने सभी छात्रों को सदन के अंदर चल रही कार्यवाही को देखने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया भी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: विक्रांत सूद
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