Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा है कि लोकतंत्र में जनता सर्वोच्च है और शासन करने की शक्तियां सीधे जनता से ही आती हैं। उन्होंने यह विचार उत्तर प्रदेश विधानसभा में लखनऊ स्थित विधान सभा मंडप में 19 से 21 जनवरी तक आयोजित 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह में व्यक्त किए। उनका कहना था कि लोकतंत्र की मजबूती इसी बात पर निर्भर करती है कि विधायिका जनता के प्रति कितनी जिम्मेदार है।
Himachal Pradesh News: विधायिका की जनता के प्रति जिम्मेदारी
पठानिया ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में तीन प्रमुख स्तंभ—विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका—सभी जनता के प्रति उत्तरदायी होते हैं। लेकिन विधायिका का विशेष स्थान है क्योंकि यह जनता का प्रत्यक्ष प्रतिनिधित्व करती है। यह संस्था कानून बनाती है, नीतियां तय करती है और सरकार की गतिविधियों पर नजर रखती है।
उन्होंने बताया कि यदि विधायिका जनता की अपेक्षाओं और हितों के अनुरूप काम नहीं करती, तो लोकतंत्र केवल नाममात्र का रह जाता है। विधायिका का मुख्य कर्तव्य है कि वह कानून बनाए, संशोधित करे और यदि जरूरत हो तो उन्हें निरस्त भी करे। इसके साथ ही जनता के सामने अपने कामों के लिए जवाबदेह हो। यदि विधायिका इस जिम्मेदारी में विफल रहती है, तो जनता चुनाव के माध्यम से बदलाव कर सकती है।

हिमाचल विधानसभा का गौरवशाली इतिहास
अपने अनुभव साझा करते हुए पठानिया ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा की परंपरा और गरिमा का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि देश के पहले निर्वाचित पीठासीन अधिकारी विठ्ठलभाई पटेल का चुनाव इसी भवन में 1925 में हुआ था। इसके अलावा, महिलाओं को मतदान का अधिकार दिलाने और “अंग्रेजों भारत छोड़ो” प्रस्ताव जैसी ऐतिहासिक घटनाएं भी इसी सदन में हुईं।
उन्होंने यह भी बताया कि पीठासीन अधिकारियों का पहला सम्मेलन 1921 में शिमला में आयोजित हुआ था। हिमाचल विधानसभा ने सदन की बैठकों और कार्य उत्पादकता में हमेशा उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वर्ष 1962 में 182 दिन और हाल ही में पिछले वर्ष 35 बैठकें पूरी की गईं, जिसमें कार्यकुशलता 100 प्रतिशत से अधिक रही।

आधारभूत संरचना में सुधार की आवश्यकता
पठानिया ने कहा कि विधानमंडलों में आधारभूत संरचना को बेहतर बनाने की जरूरत है और इसके लिए राज्य सरकार का सहयोग जरूरी है। उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा की संरचना की तारीफ की और कहा कि शिमला और धर्मशाला में भी इसी तरह के सुधार किए जाएंगे। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष, अधिकारियों और सरकार के अतिथियों का स्वागत करते हुए पठानिया ने सम्मेलन की सफलता पर खुशी जताई।
महत्वपूर्ण बैठक और रात्रिभोज
गत रात्रि उन्होंने पीठासीन अधिकारियों के सम्मान में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा आयोजित रात्रिभोज में भाग लिया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित थे। पठानिया ने मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें टोपी और शॉल पहनाकर सम्मानित किया और हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने पर चर्चा की। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भी हिमाचली अंग वस्त्र पहनाकर सम्मानित किया।

रिपोर्ट: विक्रांत सूद
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