असम के मंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा है कि नयी दिल्ली में सोमवार को हस्ताक्षरित ‘बोडो शांति समझौता’ दशकों पुराने बोडो मुद्दे के ‘‘पूर्ण एवं अंतिम’’ समाधान की ओर ले जाएगा। शर्मा ने एक ट्वीट में कहा कि बोडो शांति समझौता को मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल नीत असम सरकार और बोडोलैंड टेरीटोरियल काउंसिल (बीटीसी) प्रमुख हागरामा मोहीलरी का पूरा समर्थन प्राप्त है, जो इसे दशकों पुराने बोडो मुद्दे को लेकर पूर्ण एवं अंतिम समाधान बनाता है।
नार्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (नेडा) के संयोजक शर्मा ने कहा, ‘‘बोडो समझौता असम की क्षेत्रीय अखंडता को मजबूत करेगा और हमें बोडोलैंड में शांति एवं प्रगति की नयी उम्मीद प्रदान करेगा।’’ उन्होंने इस ऐतिहासिक समझौते को संभव बनाने वाले सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व के तहत इस पर हस्ताक्षर किए गए। लंबे समय से बोडो राज्य की मांग करते हुए आंदोलन चलाने वाले ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन (एबीएसयू) ने भी इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौते पर नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) के सभी चार धड़ों के नेतृत्वों, एबीएसयू प्रमुख प्रमोद बोरो, बीटीसी प्रमुख हागरामा मोहीलरी, सोनोवाल और शर्मा ने हस्ताक्षर किए। सरकार ने असम के सबसे दुर्दांत उग्रवादी समूहों में शामिल एनडीएफबी के साथ सोमवार को समझौते पर हस्ताक्षर किए।


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