केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर रविवार को चर्चा की। इसके तहत एनआरसी, छह समुदायों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग और असम समझौते की महत्वपूर्ण उपधारा के कार्यान्वयन के लिए गठित समिति की रिपोर्ट पर चर्चा की गयी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व में राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों की टीम ने शाह के आवास पर हुई बैठक में शिरकत की। यह बैठक करीब दो घंटे चली। एम्स से लौटने के बाद गृह मंत्री ने यह पहली बड़ी बैठक की। शाह चिकित्सकीय जांच के लिए एम्स में भर्ती हुए थे।
मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि रविवार शाम को हुई बैठक में असम-केन्द्रित एनआरसी, छह जातीय समुदायों कोच-राजबोंगशी, ताइ-अहोम, मताक, मरोन, चुटिया तथा चाय बागानों से संबंधित जनजातियों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने और असम समझौते की छठी उपधारा को लागू करने को लेकर समिति की रिपोर्ट पर चर्चा की गयी।
अंतिम राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) का पिछले साल 31 अगस्त को प्रकाशन हुआ था। इससे 19.06 लाख लोगों के नाम बाहर रह गए थे। कुल 3.30 करोड़ आवेदन मिले थे जिसमें से 3.11 करोड़ नामों को शामिल किया गया। असम सरकार एनआरसी को पहले ही खारिज कर चुकी है क्योंकि उसका दावा है कि इसमें कई अयोग्य लोगों के नाम शामिल किए गए जबकि वास्तविक भारतीय नागरिकों के नाम छूट गए।


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