हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का कहर, सैकड़ों सड़कें बंद, जानें अब तक कितना हुआ नुकसान?

Summary :

हिमाचल प्रदेश में हो रही लगातार भारी बारिश के चलते राज्य में 249 सड़कें यातायात के लिए बंद कर दी गई हैं. इनमें से सबसे ज्यादा 207 सड़कें मंडी जिले में बंद हुई हैं. यह बंद सड़कें अधिकतर भूस्खलन की वजह से प्रभावित हुई हैं. स्थानीय प्रशासन ने इसकी पुष्टि की है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मंडी से धर्मपुर (कोटली होते हुए) के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-3 (अटारी-लेह मार्ग) को भारी वाहनों के लिए अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है. शुक्रवार रात मंडी के पंडोह बांध के पास कैची मोड़ पर भूस्खलन के चलते चंडीगढ़-मनाली हाईवे का मंडी-कुल्लू हिस्सा…

हिमाचल प्रदेश में हो रही लगातार भारी बारिश के चलते राज्य में 249 सड़कें यातायात के लिए बंद कर दी गई हैं. इनमें से सबसे ज्यादा 207 सड़कें मंडी जिले में बंद हुई हैं. यह बंद सड़कें अधिकतर भूस्खलन की वजह से प्रभावित हुई हैं. स्थानीय प्रशासन ने इसकी पुष्टि की है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मंडी से धर्मपुर (कोटली होते हुए) के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-3 (अटारी-लेह मार्ग) को भारी वाहनों के लिए अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है. शुक्रवार रात मंडी के पंडोह बांध के पास कैची मोड़ पर भूस्खलन के चलते चंडीगढ़-मनाली हाईवे का मंडी-कुल्लू हिस्सा करीब 10 घंटे तक बंद रहा. इस दौरान गाड़ियों को कटौला-कामांद वैकल्पिक रास्ते से निकाला गया, जिससे ट्रैफिक धीमा हो गया और लंबा जाम लग गया.

मलबा गिरने से रास्ता बंद, यात्री हुए परेशान

भूस्खलन की वजह से सड़क पर भारी मलबा और पत्थर गिर गए, जिस कारण यातायात पूरी तरह रोकना पड़ा. यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. करीब 10 घंटे की मेहनत के बाद मलबा हटाया गया और फिर एक तरफ से ट्रैफिक चालू किया गया.

अब तक 751 करोड़ का नुकसान

20 जून को प्रदेश में मानसून आने के बाद से अब तक लगभग 751 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है. राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार, बारिश और बाढ़ के चलते 463 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 781 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं.

भारी बारिश से कई इलाके प्रभावित

शुक्रवार शाम से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश हुई है. मुरारी देवी में सबसे ज्यादा 126 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. इसके अलावा पंडोह में 79 मिमी, स्लैपर में 67.7 मिमी, कोठी में 60.4 मिमी और मंडी में 53.2 मिमी वर्षा हुई. वहीं जोगिंदरनगर, भुंतर, भराड़ी और नेरी में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई है.

मौसम विभाग ने  येलो अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने सुंदरनगर, मुरारी देवी, भुंतर और कांगड़ा सहित 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी देते हुए 18 जुलाई तक ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है. कुछ स्थानों पर 39 से 48 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलीं.राज्य में अब तक बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं में 56 लोगों की मौत हो चुकी है. इसके अलावा 36 लोग सड़क हादसों में मारे गए, 172 घायल हुए और 33 लोग अभी भी लापता हैं. उत्तराखंड के कई जिलों जैसे ऊधमसिंह नगर, बागेश्वर, पौड़ी, नैनीताल और पिथौरागढ़ में भी मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है. यहां गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है.

प्रशासन ने लोगों को दी ये चेतावनी

भारी बारिश और भूस्खलन की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है. लोगों से अपील की गई है कि वे गैर-ज़रूरी यात्रा से बचें और खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहें. पहले भी कई बार स्कूलों में छुट्टियां और यात्रा प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं.

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।