भारतीय प्रबंध संस्थान अहमदाबाद (आईआईएम-ए) के निदेशक एरोल डिसूजा ने जेएनयू में हुई हिंसा की निंदा की और इसे देश की आजादी के बाद के इतिहास की “बेहद निम्न” घटना करार दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय सहिष्णुता, संवाद और असहमति जताने का स्थान होता है और हिंसा एक सभ्यता के आधार को क्षति पहुंचाती है।
डिसूजा ने सोमवार देर रात एक ट्वीट में कहा, ‘‘विश्वविद्यालय सहिष्णुता, संवाद और असहमति जताने का स्थान है। हिंसा एक विश्वविद्यालय के सिद्धांत के खिलाफ है और एक सभ्यता के आधार को नुकसान पहुंचाता है।’’ जेएनयू परिसर में हिंसा के विरोध में सोमवार को कॉलेज के 100 से अधिक छात्रों, कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने आईआईएम के बाहर एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया।


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