लोकसभा में उठा असम में पश्चिम बंगाल के लोगों की हत्या का मुद्दा

Summary :

हवाईअड्डे पर रोक लिया गया है। केंद्र सरकार को राज्य सरकार को निर्देश देना चाहिए कि अखिलेश यादव को इलाहाबाद विश्वविद्यालय जाने दिया जाए। 

असम में पश्चिम बंगाल के लोगों की कथित हत्या का मुद्दा मंगलवार को लोकसभा में उठा और तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने भाजपा को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए बांग्लाभाषी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। तृणमूल कांग्रेस के दिनेश त्रिवेदी और कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने शून्यकाल में इस विषय को उठाया। त्रिवेदी ने कहा कि असम में दिनदहाड़े पश्चिम बंगाल के लोगों की हत्या की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा को यह गंदी राजनीति बंद करनी चाहिए और असम में बंगालियों की हत्या बंद करनी चाहिए।’’ त्रिवेदी ने कहा कि उनकी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने असम का दौरा किया है।

 कांग्रेस सदस्य चौधरी ने कहा कि आजीविका की तलाश में बंगाली लोग पश्चिम बंगाल से बाहर जाते हैं लेकिन वे गुजरात, उत्तर प्रदेश और असम में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘असम में उनकी हत्या की जाती है।

केंद्र सरकार को राज्य से बंगालियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहना चाहिए।’’ असम में अज्ञात लोगों द्वारा पश्चिम बंगाल के प्रवासी मजदूरों की हत्या की खबरें हैं। शून्यकाल में ही तृणमूल कांग्रेस के इदरीस अली ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन 23 जनवरी को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग उठाई। सपा के तेज प्रताप सिंह ने कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ के एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे उनकी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को हवाईअड्डे पर रोक लिया गया है। केंद्र सरकार को राज्य सरकार को निर्देश देना चाहिए कि अखिलेश यादव को इलाहाबाद विश्वविद्यालय जाने दिया जाए।

Desk Team