Jayalalithaa Property Sealed: तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता से जुड़ी एक प्रॉपर्टी को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। बता दें कि कथित तौर पर हैदराबाद में स्थित उनके एक घर को नगर निगम ने भारी बकाया टैक्स के कारण सील कर दिया है। आइए पूरे मामले को आसान भाषा में समझते हैं।
Jayalalithaa Property Sealed: क्या हैं पूरा मामला?
ये एक्शन ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (GHMC)की तरफ से श्रीनगर कॉलोनी स्थित एक मकान पर लिया गया। यह मकान दिवंगत नेता जे. जयललिता के नाम से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। नगर निगम के अनुसार, इस प्रॉपर्टी पर करीब 1.5 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया था, जो कई सालों से जमा नहीं किया गया था। बार-बार नोटिस देने के बावजूद टैक्स जमा नहीं होने पर यह कार्रवाई की गई।
कई बार भेजे गए नोटिस
GHMC अधिकारियों ने जानकारी दी कि जयललिता के कानूनी वारिसों को कई बार नोटिस भेजे गए थे। इन नोटिसों में स्पष्ट कहा गया था कि तय समय सीमा के भीतर बकाया टैक्स जमा किया जाए। हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक, वारिसों की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद अंतिम तारीख खत्म होने पर निगम की टीम मौके पर पहुंची और मकान को सील कर दिया गया।
2017 से लंबित है बकाया
अधिकारियों का कहना है कि यह प्रॉपर्टी साल 2017 से ही टैक्स डिफॉल्टर की श्रेणी में थी। इस साल फरवरी में एक बार फिर नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया। निगम ने साफ किया कि नियमों के अनुसार सभी डिफॉल्टर प्रॉपर्टीज़ पर कार्रवाई की जा रही है और किसी को भी छूट नहीं दी जा रही।
GHMC का अभियान क्या है?
GHMC कमिश्नर आर.वी. कर्णन के मुताबिक, 31 मार्च से पहले सभी बड़े टैक्स बकायेदारों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया है। इस अभियान के तहत ऐसे सभी लोगों को नोटिस देकर बकाया चुकाने को कहा गया था। इस प्रक्रिया में कई बड़े नाम भी शामिल हैं, जिन पर करोड़ों रुपये का टैक्स बकाया है। निगम का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की जा रही है।
विजय माल्या को लीज पर दिया गया था मकान
सूत्रों के अनुसार, यह मकान पहले बिजनेसमैन विजय माल्या को लीज़ पर दिया गया था। माना जा रहा है कि उसी दौरान से टैक्स का बकाया बढ़ना शुरू हुआ। हालांकि, इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि लंबित टैक्स की शुरुआत उसी समय से हुई।
100 से ज्यादा प्रॉपर्टीज़ पर कार्रवाई
GHMC द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत हैदराबाद में 100 से अधिक बड़ी प्रॉपर्टीज़ को सील किया जा चुका है। इनमें होटल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, ऑफिस और शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं।
कई मामलों में देखा गया है कि प्रॉपर्टी सील होने के तुरंत बाद मालिकों ने बकाया राशि जमा कर दी।
हजारों करोड़ का बकाया
अधिकारियों के अनुसार, GHMC क्षेत्र में कुल प्रॉपर्टी टैक्स बकाया 1,400 करोड़ रुपये से ज्यादा है। यह बकाया लगभग 3.5 लाख प्रॉपर्टीज़ पर फैला हुआ है। अगर आसपास के अन्य नगर निकायों को भी जोड़ लिया जाए, तो यह आंकड़ा 3,000 करोड़ रुपये से अधिक हो जाता है।
वन-टाइम सेटलमेंट स्कीम का ऑफर
GHMC ने लोगों को राहत देने के लिए एक ‘वन-टाइम सेटलमेंट स्कीम’ भी शुरू की है। इसके तहत अगर प्रॉपर्टी मालिक तय समय के भीतर पूरा टैक्स जमा कर देते हैं, तो उन्हें ब्याज में छूट मिल सकती है। निगम का कहना है कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी बड़े बकाया टैक्स की वसूली नहीं हो जाती।


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