झारखंड में महंगाई और बेरोजगारी को लेकर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकतार्ओं की पुलिस से झड़प हो गयी। कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर राजभवन के गेट तक पहुंच गए। 100 से ज्यादा कांग्रेसियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इन्हें मोरहाबादी के फुटबॉल स्टेडियम स्थित कैंप जेल में रखा गया है।
हिरासत में लिये गये नेताओं में झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर, विधायक दीपिका पांडेय सिंह, प्रदीप यादव, शिल्पी नेहा तिर्की सहित कई अन्य शामिल हैं। पूर्वघोषित कार्यक्रम के अनुसार कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता रांची के मोरहबादी मैदान तक मार्च करते हुए पहुंचे।
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उन्होंने रास्ते में पुलिस की ओर से लगायी गयी बैरिकेडिंग तोड़ दी और राजभवन के गेट पर पहुंच गये और वहां धरना-प्रदर्शन करने लगे। पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की तो दोनों ओर से धक्का मुक्की हुई। बाद में सभी प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बस पर बिठाकर कैंप जेल भेज दिया।
इस मार्च में झारखंड सरकार के मंत्री आलमगीर आलम और बन्ना गुप्ता भी शामिल हुए। हालांकि राजभवन में कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच झड़प के वक्त दोनों मंत्री मौजूद नहीं थे। प्रदर्शन के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा बढ़ती हुई महंगाई के लिए केंद्र सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं।
अच्छे दिनों का वादा कर सत्ता में आयी भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने जनता पर जीएसटी का बेहिसाब बोझ डाल दिया है। सरकारी क्षेत्र की नौकरियां साजिश के तहत खत्म की जा रही हैं। कांग्रेस ने सरकार के जनविरोधी चेहरे को उजागर करने के लिए सदन से सड़क तक संघर्ष करने का संकल्प लिया है।


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