झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि वह जातिगत जनगणना की मांग को लेकर इस महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने वाले एक सर्वदलीय शिष्टमंडल का नेतृत्व करेंगे। राज्य सरकार की रोजगार नीति और विधानसभा में नमाज पढ़ने के लिए कमरा आवंटित करने के विरोध में भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने सदन में अध्यक्ष के आसन के समक्ष आकर हंगामा किया।
विधानसभा में लगातार चौथे दिन हंगामे के बीच सोरेन ने कहा कि नए कृषि कानूनों के विरुद्ध सदन में एक प्रस्ताव लाया जाएगा और अधिवासी जमीनों के अवैध हस्तांतरण समेत कई मुद्दों की जांच के लिए विधानसभा की एक समिति गठित की जाएगी।
सोरेन ने प्रश्नकाल के दौरान कहा, “हर जाति अपनी जनसंख्या के आधार पर आरक्षण की मांग कर रही है। केंद्र को जातिगत जनगणना के लिए कोई प्रस्ताव नहीं भेजा जा सका है। मैंने झारखंड से नौ सदस्यीय सर्वदलीय शिष्टमंडल के साथ 12 सितंबर से 20 सितंबर के बीच इस मुद्दे पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री से समय मांगा है।”
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग का समर्थन करती है। सोरेन ने कहा कि वह प्रधानमंत्री के साथ इस विषय पर चर्चा करेंगे।


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