झारखंड के गुमला और सिमडेगा जिले में गुस्साए हाथी ने गुरुवार-शुक्रवार को 12 घंटे के दौरान चार लोगों को कुचलकर मार डाला। हाथी के हमले में दो अन्य लोगों के घायल होने की भी सूचना है। इन घटनाओं से इलाके में कोहराम मच गया है। बताया जा रहा है कि यह हाथी अपने झुंड से बिछड़ने की वजह से गुस्से में है। हाथी जिन इलाकों से गुजर रहा है, वहां भगदड़ और दहशत का आलम है। हाथी के हमले में मृत लोगों की पहचान गुमला जिले के पालकोट थाना क्षेत्र निवासी 60 वर्षीय क्रिस्टोफर एक्का, 35 वर्षीय हेमवती देवी और सिमडेगा जिले के बानो थाना क्षेत्र निवासी सिबिया लुगुन और विकास ओहदार के रूप में हुई है।
झारखंड में गुस्साए हाथी ने 4 लोगों को कुचला
बताया गया कि यह हाथी शुक्रवार सुबह करीब छह बजे गुमला के पालकोट थाना क्षेत्र में भटक रहा था। इसी दौरान बरडीह-देवगांव में शौच के लिए खेत की तरफ गए क्रिस्टोफर एक्का को कुचल डाला। मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। थोड़ी देर बाद उसने थोड़ी दूर स्थित तेतरटोली गांव में पौधे से लाह निकाल रहीं हेमवती देवी को सूंड में लपेटकर पटक दिया। उनकी भी तत्काल मौत हो गई। दो अन्य लोग अजय मिंज और इमिल बा भी हाथी के हमले में बुरी तरह जख्मी हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए हॉस्पिटल में दाखिल कराया गया है। इसके पहले यह हाथी पड़ोस के सिमडेगा जिले के बानो थाना क्षेत्र में था।
घटना के बाद इलाके में दहशत
इसने बुरूइरगी गांव में रात करीब एक बजे एक घर पर हमला कर विकास ओहदार नामक व्यक्ति को मार डाला। कुछ घंटे के बाद उसने पाबुड़ा गांव महुआ चुन रही एक महिला सिबिया लुगुन को खदेड़कर कुचल डाला। आक्रामक हाथी अभी भी बानो थाना क्षेत्र के गांव में घूम रहा है। इन घटनाओं से गांवों में कोहराम मचा है। हाथी के उत्पात की सूचना पाकर वन विभाग की टीम उसे आबादी वाले इलाके से निकालकर जंगल की ओर भेजने की कोशिश में जुटी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में हाथियों का झुंड कई दिनों से घूम रहा था, लेकिन वन विभाग ने सूचना देने के बाद भी समय पर उन्हें जंगल की ओर भेजने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। ये घटनाएं विभाग की लापरवाही का परिणाम हैं।


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