झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में सुरक्षा बलों पर हमले की नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम कर दी गई है। पुलिस और सुरक्षा बलों के ज्वाइंट ऑपरेशन में जिले के कराईकेला थाना क्षेत्र में प्लांट किए गए 21 प्रेशर आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बरामद किए गए हैं। इनमें से 12 आईईडी दो-दो किलोग्राम और 9 आईईडी एक-एक किलोग्राम की क्षमता वाले थे। इनके विस्फोट से बड़ी तबाही मचाई जा सकती थी। चाईबासा के एसपी आशुतोष शेखर के निर्देश पर इन सभी बमों को बम निरोधक दस्ते ने डिफ्यूज कर दिया है। बताया गया है कि सुरक्षा बलों ने सेरेंगदा गांव में नक्सलियों के एक डंप को भी ध्वस्त कर दिया। सर्च के दौरान विस्फोट में इस्तेमाल की जाने वाली 55 जिलेटिन स्टिक भी बरामद हुई है।
नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम
एसपी को सूचना मिली थी कि जिले के पोड़ाहाट क्षेत्र में नक्सली दस्ते का मूवमेंट है। इसके आधार पर चाईबासा पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा और झारखंड जगुआर की कुल 14 बटालियन के जवानों ने पूरे इलाके में ऑपरेशन चलाया। सूचना थी कि जंगल में सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से जगह-जगह पर आईईडी बम प्लांट किए गए हैं। ऐसे में ऑपरेशन में बेहद सतर्कता बरती गई।
21 आईईडी बरामद
इसके पहले 12 जनवरी को पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो थाना क्षेत्र के तुम्बाहाका और बगान गुलगुलदा के बीच जंगली और पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने छह आईईडी बरामद किए थे।प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के शीर्ष नेता मिसिर बेसरा, अनमोल, मोछु, अनल, असीम मंडल, अजय महतो, सागेन अंगरिया और अश्विन ने अपने दस्तों के साथ झारखंड के कोल्हान इलाके के जंगलों में पनाह ले रखी है। झारखंड पुलिस और सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खात्मे के लिए निर्णायक अभियान शुरू किया है। केंद्र सरकार ने मार्च 2026 तक झारखंड में नक्सलियों के पूरी तरह सफाए का लक्ष्य तय किया है।


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