झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधनसभा सदस्यता को लेकर जारी अनिश्चितता के कारण राज्य में गहराते राजनीतिक संकट के बीच सोरेन और सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायक शनिवार को तीन बसों में सवार होकर किसी अज्ञात गंतव्य के लिए रवाना होते देखे गए।तीनों बसों में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायकों के साथ सुरक्षाकर्मी भी मौजूद थे।
सामान के साथ पहुंचे थे विधायक
सूत्रों के मुताबिक, विधायकों को एक ‘मित्र राज्य’ में स्थानांतरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह राज्य या तो पश्चिम बंगाल हो सकता है या छत्तीसगढ़, जहां गैर-भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) सरकारें हैं।उभरती परिस्थितियों से निपटने की रणनीति तैयार करने के वास्ते मुख्यमंत्री आवास पर सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों की तीसरे दौर की मैराथन बैठक के तुरंत बाद यह राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया।बैठक में सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायक अपने सामान के साथ पहुंचे थे।राज भवन के सूत्रों ने कहा कि राज्यपाल रमेश बैस शनिवार को भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) को सोरेन को विधायक के रूप में अयोग्य ठहराने का अपना फैसला भेज सकते हैं।


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