मध्य प्रदेश में 28 विधानसभा उपचुनावों के शुरूआती रुझानों में बीजेपी 21 सीटों पर आगे चल रही है, वहीं कांग्रेस सिर्फ 6 सीटों पर चल रही है। मतों की गिनती के बीच राज्य पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस नेता कमलनाथ पार्टी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि वे जनता का निर्णय स्वीकार करेंगे।
कार्यालय पहुंचे कमलनाथ अपनी टीम के साथ नतीजों पर नजर रखे हुए हैं। निर्णायक रुझान आने के बाद वे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से रवाना हो गए। कांग्रेस कार्यालय में निराशा का वातावरण साफ तौर पर दिखायी दिया। इस दौरान संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कमलनाथ ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में वे जनता के निर्णय का स्वागत करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अभी पूरे नतीजे आने दीजिए।
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दोपहर तक आए रुझानों के अनुसार 28 में से 20 पर सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सात पर कांग्रेस आगे चल रही है। एक सीट पर बसपा के आगे रहने की सूचनाएं हैं। नवंबर दिसंबर 2018 के विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद 17 दिसंबर 2018 को कमलनाथ ने राज्य में 15 वर्षों के बाद कांग्रेस की सरकार बनने पर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
लगभग सवा साल बाद इसी वर्ष मार्च माह में कांग्रेस के लगभग 22 विधायकों ने बगावती तेवर दिखाते हुए विधायक पद से त्यागपत्र दे दिया और वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरह उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया। इन स्थितियों के बीच कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से 20 मार्च को त्यागपत्र दे दिया था।
इसके बाद भी कांग्रेस को लगातार झटके लगते रहे और उसके कुल 26 विधायकों ने विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र देकर बीजेपी का दामन थामा। कांग्रेस ने 28 सीटों पर उपचुनाव में‘बिकाऊ और टिकाऊ’का मुद्दा जोरशोर से उठाने का प्रयास किया, लेकिन आज के नतीजों से प्रतीत होता है कि मतदाताओं ने कांग्रेस के मुद्दे को पूरी तरह नकार दिया है।


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