देश में कोरोना वायरस का प्रकोप जारी है। संक्रमण की रोकथाम के लिए संपूर्ण देश में लॉकडाउन घोषित किया गया है। लॉकडाउन के कारण आवश्यक चीजों की दुकानें छोड़कर सभी दुकानें बंद है। बंद दुकानों में शराब की दुकानें भी आती है। मगर इन सब के बीच केरल सरकार शराबियों के लिए विशेष पास जारी करेगी। मसलन, केरल सरकार ने नशेड़ियों को उनकी बुरी हालत को देखते हुए चिकित्सीय सलाह पर शराब मुहैया कराने के लिए विशेष पास जारी करने का निर्णय लिया है जिससे वे आबकारी विभाग की मदद से शराब ले सकें।
डॉक्टरों के संघ की आपत्ति के बावजूद, कोविड-19 के प्रकोप के कारण लागू 21-दिवसीय लॉकडाउन के दौरान चिकित्सीय परामर्श पर शराबियों को शराब मुहैया कराने के संबंध में सोमवार रात को यह सरकारी आदेश जारी किया गया। आदेश में कहा गया, “लॉकडाउन के कारण राज्य में शराब की दुकाने बंद होने की वजह से शराब ना मिलने से हताश होकर आत्महत्या की प्रवृत्ति जैसी समस्याएं देखी गई है। राज्य सरकार इन्हीं समस्यायों से निपटने के लिए यह निर्णय ले रही है।”
आदेश में कहा गया है कि जिन लोगों को नशा न मिलने के कारण शारीरिक और मानसिक समस्याएं होती हैं उन्हें नियंत्रित और निर्धारित तरीके से शराब दी जा सकती है। इसमें यह भी कहा गया है कि ऐसे लक्षणों वाले लोगों को सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों, सामान्य अस्पतालों या मेडिकल कॉलेज अस्पतालों से संपर्क करना चाहिए और डॉक्टर से खुद की जांच करानी चाहिए। साथ ही इस आदेश में यह भी कहा गया कि इसके लिए शराब की दुकानों को खोलने की आवश्यकता नहीं है।
हालांकि, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने पर्चे के आधार पर नशा करने वालों को शराब की आपूर्ति करने की वाम सरकार की योजना को गलत ठहराते हुए कहा कि यह वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है। आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष अब्राहम वर्गीज ने कहा, नशा ना मिलने से बीमार पड़ने वाले लोगों को वैज्ञानिक उपचार मुहैया कराया जाना चाहिए। अब तक राज्य में लॉकडाउन के कारण नशा ना मिलने से परेशान होकर तीन लोगों के आत्महत्या करने के मामले दर्ज किए गए हैं।


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