कर्नाटक उच्च न्यायालय ने सोमवार को कर्नाटक सोप्स एंड डिटरजेंट्स लिमिटेड (केएसडीएल) से जुड़े रिश्वत मामले में भाजपा विधायक मदल विरुपक्षप्पा की जमानत याचिका खारिज कर दी। उच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
न्यायमूर्ति के. नटराजन ने चन्नागिरी से विधायक विरुपक्षप्पा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। केएसडीएल के अध्यक्ष एवं भाजपा विधायक मदल विरुपक्षप्पा के बेटे प्रशांत मदल को लोकायुक्त अधिकारियों ने एक ठेकेदार से 40 लाख रुपये की रिश्वत लेते दो मार्च को रंगे हाथ पकड़ा था। आरोप है कि कुमार केएसडीएल कार्यालय में अपने पिता की ओर से यह रकम ले रहे थे।
बाद में विरुपक्षप्पा के आवास से सात करोड़ रुपये से अधिक की नकदी जब्त की गई थी। उच्च न्यायालय ने पहले विरुपक्षप्पा को पांच लाख रुपये के निजी मुचलके पर अंतरिम अग्रिम जमानत दी थी, जिससे उन्हें गिरफ्तारी से संरक्षण मिला था। सोमवार को अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने से उनकी जल्द गिरफ्तारी ही संभावना है।


Download Android App
Download iOS App



