कर्नाटक में एक बार फिर राजनीति गरमा सकती है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने मंत्रिपरिषद विस्तार के लगातार बढ़ते दबाव के बीच सोमवार को संकेत दिया कि वह इस बाबत भाजपा आलाकमान की स्वीकृति का इंतजार कर रहे हैं। बोम्मई ने आगामी 28 जनवरी को अपनी सरकार के छह महीने पूरे होने के मद्देनजर कहा कि इस मौके पर वह एक बुकलेट जारी करेंगे, जिसमें राज्य सरकार की उपलब्ध्यिों का विवरण होगा।
मंत्रिपरिषद विस्तार या फेरबदल से जुड़े सवाल पर बोम्मई ने कहा, ‘‘चार मंत्री पद खाली हैं, जिन पर नियुक्ति की महत्वाकांक्षा होना लाजिमी है। इसमें कोई बुराई भी नहीं है। पार्टी आलाकमान को पता है कि यह कब और कैसे करना है। मैं भी यह मुद्दा आलाकमान के संज्ञान में ला रहा हूं। आलाकमान मुझे जब भी चर्चा के लिए बुलाएगा, मैं उसे पूरा ब्योरा दूंगा।’’
अलग-अलग बोर्ड और निगमों में नियुक्ति के सवाल पर बोम्मई ने कहा कि इस पर पार्टी बैठक में चर्चा होगी और बैठक में निकलने वाले निष्कर्ष के आधार पर संबंधित कदम उठाए जाएंगे। कर्नाटक में 2023 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले बोम्मई पर मंत्रिपरिषद में फेरबदल या विस्तार का दबाव बढ़ रहा है, ताकि रिक्त मंत्री पदों को भरने के साथ ही उसमें नए चेहरों को भी शामिल किया जा सके। राज्य मंत्रिपरिषद में कुल 34 मंत्री पद हैं जिसमें अभी मुख्यमंत्री सहित 30 मंत्री ही हैं। कर्नाटक में मंत्रिपरिषद विस्तार या फेरबदल पर पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद ही फैसला होने की उम्मीद है।


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