कांग्रेस नेता सुष्मिता देव के पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद कर्नाटक में पार्टी के एक नेता ने कहा कि संगठन में बुजुर्गों को युवाओं का मार्गदर्शन करना चाहिए न कि और अफरा-तफरी फैलानी चाहिए। पार्टी की महिला इकाई की अध्यक्ष देव के पार्टी से इस्तीफे को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए विधायक प्रियांक एम खड़के ने कहा वो कांग्रेस की वफादार और उसकी विचारधारा में विश्वास करने वाली नेता थीं।
खड़गे ने बताया, “श्री (राहुल) गांधी और श्रीमती (सोनिया) गांधी उनकी बात सुनते थे। पार्टी में हर कोई उनकी राय को सम्मान देता था। उन्हें रहना चाहिए था।” चित्तापार से विधायक और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता ने हालांकि 48 वर्षीय देव के इस्तीफे पर कपिल सिब्बल के बयान पर कोई टिप्पणी नहीं की कि पार्टी “आंख मूंदकर बढ़ रही है।”
खड़गे (42) ने हालांकि कहा कि युवाओं पर क्षेत्र में रहने (पार्टी को मजबूत करने के लिये) की ज्यादा जिम्मेदारी है लेकिन वरिष्ठों को और अफरा-तफरी फैलाने के बजाए उनका मार्गदर्शन भी करना चाहिए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एम मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे ने स्पष्ट किया कि उनके बयान का सिब्बल की टिप्पणी से कोई लेना-देना नहीं है।
सिब्बल ने ट्विटर पर कहा था, “सुष्मिता देव ने हमारी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। युवा नेता छोड़ते हैं जबकि हम ‘बुजर्ग’ (पुराने नेता) पार्टी को मजबूत करने के लिए प्रयास करते हैं तो उसके लिए भी कसूरवार ठहराया जाता है।” खड़गे ने कहा, “यह युवाओं और बुजुर्गों के बारे में नहीं है” और उन्होंने उनके बीच “गहरी खाई” नहीं बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया क्योंकि “विचारधारा और इरादा एक ही है।” उन्होंने कहा, “…उनका (बुजुर्गों का) अनुभव हमारे (युवाओं के) साथ आने वाली ऊर्जा में समाहित होना चाहिए… …वह होना चाहिए।”


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