कर्नाटक कांग्रेस प्रदेश समिति (केपीसीसी) ने अपने किसान प्रदर्शन कार्यक्रम के तहत मंगलवार को निर्णय लिया कि वे मंड्या में 10 अक्टूबर को किसान सम्मेलन आयोजित करेंगे। साथ ही वह राज्य में किसानों और श्रमिकों की दुर्दशा को उजागर करने के लिए एक राज्यव्यापी हस्ताक्षर अभियान भी शुरू करेगी।
केपीसीसी के अध्यक्ष डी. के. शिवकुमार ने यहां संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि पार्टी एआईसीसी के निदेर्शानुसार, इस तरह का कार्यक्रम आयोजित कर रही है। उन्होंने आगे कहा, “हमें राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन (किसान सभा) आयोजित करने के लिए कहा गया है, जिसमें राज्य के छह प्रमुख किसान नेता भाग लेंगे और वे पार्टी को किसानों और श्रमिकों के लिए लड़ने के लिए रणनीति तैयार करने के लिए मार्गदर्शन करेंगे।”
उनके अनुसार, हालांकि राज्य में कई किसान नेता हैं, लेकिन उन्हें आमंत्रित न किए जाने पर वे बुरा नहीं मानें, क्योंकि मंड्या जिले में अंबेडकर भवन में जगह की कमी है। उन्होंने कहा, “सभी किसान नेता मित्र हैं और यह कांग्रेस पार्टी का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लागू किए गए नए बिलों के कारण उनकी समस्याओं और मुद्दों को उजागर करने का कार्यक्रम है।”
उन्होंने आगे कहा कि हालांकि यह बैठक दवाणगेरे जिले में निर्धारित की गई थी, लेकिन राज्य में चुनाव आयोग के आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद इसे बदलना पड़ा, ऐसे में आखिरी समय में पार्टी ने आयोजन का फैसला मांड्या जिले में करने का लिया।
केपीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी एआईसीसी द्वारा देशभर में दो करोड़ से अधिक हस्ताक्षर एकत्र करने के लिए शुरू किए गए हस्ताक्षर अभियान का हिस्सा होगी। उन्होंने कहा, ‘हम राज्य से इस अभियान में अधिक से अधिक संख्या में हस्ताक्षर एकत्र करने का लक्ष्य रखते हैं, क्योंकि राष्ट्रपति को यह ज्ञापन इन कानूनों को निरस्त करने के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।”


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