कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बुधवार को गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कर्नाटक की ‘अन्न भाग्य’ योजना के लिए चावल की आपूर्ति से संबंधित मसला उठाया। बता दें इस मामले पर सिद्दारमैया ने गुरुवार को कहा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) से चावल की आपूर्ति के मुद्दे पर संबंधित केंद्रीय मंत्री से बात करने का आश्वासन दिया है। नई दिल्ली में कर्नाटक भवन में पत्रकारों से बात करते हुए, सिद्दारमैया ने कहा कि उन्होंने अमित शाह से अनुरोध किया था कि कर्नाटक में गरीबों को चावल की आपूर्ति के संबंध में राजनीति न करें।
आपको बता दें कि मुख्यमंत्री ने अमित शाह से इस बात पर भी चर्चा की कि केंद्र सरकार की नीति किस तरह गरीब जनता को प्रभावित कर रही है और अमित शाह से कहा कि केंद्र की नीति खाद्य सुरक्षा अधिनियम के खिलाफ है और इसका सीधा असर गरीबों पर पड़ेगा।सिद्दारमैया ने पहले आरोप लगाया था कि केंद्र मुफ्त चावल वितरण योजना के संबंध में राजनीति कर रहा है।
कांग्रेस सरकार को बदनाम के लिए चावल नहीं देने का राजनीतिक निर्णय
दरअसल, सिद्दारमैया ने कहा था, कर्नाटक को 2,08,425 मीट्रिक टन चावल उपलब्ध कराने पर सहमति हुई थी। लेकिन, उन्होंने 13 जून को एक पत्र लिखकर कहा कि राज्यों को ओपन मार्केट सेल्स स्कीम (ओएमएसएस) के तहत गेहूं और चावल उपलब्ध नहीं कराया जा सकता। सरकार ने केवल कांग्रेस सरकार को बदनाम करने के लिए चावल नहीं देने का राजनीतिक निर्णय लिया है।
1 जुलाई को योजना शुरू करने की घोषणा
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार अन्न भाग्य योजना के तहत सभी बीपीएल कार्डधारक परिवारों को 10 किलो मुफ्त चावल देने की योजना बना रही है। इसने 1 जुलाई को योजना शुरू करने की घोषणा की है। हालांकि, चावल की अनुपलब्धता के कारण, सरकार यह कह रही है कि योजना की शुरूआत में देरी होगी।


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